Wednesday, July 22

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एलन मस्क का नया सपना: 10 साल में चांद पर इंसानों की बस्ती, कितना पड़ेगा खर्च
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एलन मस्क का नया सपना: 10 साल में चांद पर इंसानों की बस्ती, कितना पड़ेगा खर्च

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क और उनकी कंपनी स्पेसएक्स ने अगले 10 साल में चांद पर इंसानों की बस्ती बनाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। पहले मस्क का ध्यान मंगल ग्रह पर था, लेकिन अब उन्होंने अपना फोकस चांद पर शिफ्ट कर दिया है। मंगल ग्रह की योजना टली एलन मस्क ने बताया कि मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बनाने का सपना फिलहाल टाला गया है। इसकी मुख्य वजह लॉजिस्टिक्स और ग्रहों की स्थिति पर निर्भरता है। मंगल पर जाने का अवसर हर 26 महीने में मिलता है, जबकि चांद पर हर 10 दिन में लॉन्च संभव है। मस्क ने कहा कि चांद पर यह काम 10 साल से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मंगल ग्रह अभी भी लंबी अवधि की योजना का हिस्सा है और 5-7 साल में इस पर काम शुरू किया जा सकता है। चांद पर बस्ती की योजना स्पेसएक्स चांद पर ऐसी सिटी बनाने जा रही है, जो स्वयं बढ़ती रह...
शेयर बाजार और सोना-चांदी में भारी उतार-चढ़ाव के बीच मल्टी एसेट फंड ने दिखाया दम, 3 साल में 20% से अधिक रिटर्न
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शेयर बाजार और सोना-चांदी में भारी उतार-चढ़ाव के बीच मल्टी एसेट फंड ने दिखाया दम, 3 साल में 20% से अधिक रिटर्न

मुंबई। सोना और चांदी की कीमतों में इस समय अस्थिरता चरम पर है। एक ही दिन में चांदी में 25% तक की गिरावट और सोने में लगभग 10% की गिरावट ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ऐसे समय में सीधे कमोडिटीज में निवेश जोखिम भरा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मल्टी एसेट एलोकेशन म्यूचुअल फंड्स इस अस्थिरता में सुरक्षित और लाभकारी विकल्प साबित हो सकते हैं। मल्टी एसेट एलोकेशन फंड क्या है? मल्टी एसेट एलोकेशन फंड एक ऐसा म्यूचुअल फंड है जो इक्विटी, डेट और कमोडिटीज में निवेश करता है। इसमें सोना और चांदी जैसी कीमती धातुएं भी शामिल होती हैं। इस तरह के फंड पोर्टफोलियो का डायवर्सिफिकेशन सुनिश्चित करते हैं और निवेशकों का जोखिम कम करते हैं। सेबी का निर्देश: कम से कम 10% निवेश तीनों एसेट क्लास में करना अनिवार्य है। फंड मैनेजर को एसेट क्लास के प्रदर्शन के आधार पर निवेश मिश्रण बदलने की स्वतं...
इस हफ्ते 3 नए IPO, कंपनियां जुटाएंगी 3,871 करोड़ रुपये, जानें GMP और लिस्टिंग का अंदाजा
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इस हफ्ते 3 नए IPO, कंपनियां जुटाएंगी 3,871 करोड़ रुपये, जानें GMP और लिस्टिंग का अंदाजा

नई दिल्ली। इस हफ्ते शेयर बाजार में तीन कंपनियां अपना IPO लेकर आ रही हैं। इनसे कुल 3,871 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। इनमें से दो बड़े मेन बोर्ड IPO हैं और एक SME सेगमेंट का है। 1. Fractal Analytics IPO राशि: 2,834 करोड़ रुपये खुलने की तारीख: 9 फरवरी 2026 बंद होने की तारीख: 11 फरवरी 2026 लिस्टिंग: 16 फरवरी 2026 (BSE & NSE) शेयर संरचना: नए शेयर: 1,023 करोड़ रुपये मौजूदा शेयरधारक: 1,810 करोड़ रुपये शेयर की कीमत: 857–900 रुपये प्रति शेयर न्यूनतम निवेश: 16 शेयर (14,400 रुपये) विशेष बात: भारत की पहली Pure-play AI कंपनी का IPO। GMP: 13 रुपये, लिस्टिंग पर लगभग 1.44% मुनाफा अनुमानित। 2. Aye Finance IPO राशि: 1,010 करोड़ रुपये खुलने की तारीख: 9 फरवरी 2026 बंद होने की तारीख: 11 फरवरी 2026 लिस्टि...
भारत-अमेरिका ट्रेड डील में एलन मस्क को नहीं मिली राहत, हार्ले-डेविडसन और महंगी कारों पर टैक्स घटा
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील में एलन मस्क को नहीं मिली राहत, हार्ले-डेविडसन और महंगी कारों पर टैक्स घटा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम ट्रेड डील में कई महंगी गाड़ियों को छूट मिली है, लेकिन एलन मस्क की कंपनी टेस्ला को कोई खास राहत नहीं मिली। डील के मुख्य बिंदु पारंपरिक इंजन वाली कारों और 3,000 सीसी से अधिक क्षमता वाली गाड़ियों पर टैक्स धीरे-धीरे घटकर 10 साल में 30% तक आएगा। अमेरिकी हार्ले-डेविडसन बाइक्स पर अब भारत में कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगेगा। अमेरिका से आने वाली अन्य महंगी कारों पर भी टैक्स कम होगा, जो पहले 110% तक था। टेस्ला और इलेक्ट्रिक वाहनों की स्थिति हालांकि, इलेक्ट्रिक कारें इस डील में शामिल नहीं हैं। इसका मतलब है कि टेस्ला जैसी कंपनियों को अभी भी भारत में ऊंचे टैक्स का सामना करना पड़ेगा। एलन मस्क ने पहले भी भारत में उच्च टैक्स को लेकर चिंता जताई थी। टेस्ला ने मुंबई में अपना पहला ऑफिस खोला है और भारत में बिक्री शुरू की थी, लेकिन यह...
मैकेनिक से अरबपति: जॉर्ज वी नेरेमपरम्बिल की सफलता की कहानी
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मैकेनिक से अरबपति: जॉर्ज वी नेरेमपरम्बिल की सफलता की कहानी

नई दिल्ली। कभी खेतों में काम करने वाले और मैकेनिक के तौर पर परिवार का पेट पालने वाले जॉर्ज वी नेरेमपरम्बिल आज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक सफल व्यवसायी हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 4,800 करोड़ रुपये बताई जाती है और उन्होंने बुर्ज खलीफा में 22 लक्जरी अपार्टमेंट खरीदे हैं। साधारण परिवार में जन्म और शुरुआती संघर्ष जॉर्ज का जन्म केरल के एक साधारण परिवार में हुआ। उन्होंने कम उम्र में ही अपने परिवार का समर्थन करने के लिए काम शुरू कर दिया। खेतों में काम करने के साथ-साथ उन्होंने मैकेनिक के तौर पर मशीनों की मरम्मत करके अपनी जीविका चलाई। इन शुरुआती अनुभवों ने उन्हें अनुशासन और कड़ी मेहनत का मूल्य सिखाया। छोटे व्यवसायों के साथ प्रयोग भारत में रहते हुए जॉर्ज ने छोटे व्यवसायों के प्रयोग किए। उनके शुरुआती उद्यमों में कपास के बीज से गोंद बनाना शामिल था, जो लाभदायक साबित हुआ। इस दौर ने उन्हें व्यवसाय...
शेयर बाजार में तेजी के संकेत: आज LIC और Hitachi Energy समेत इन स्टॉक्स में संभावित लाभ
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शेयर बाजार में तेजी के संकेत: आज LIC और Hitachi Energy समेत इन स्टॉक्स में संभावित लाभ

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार बीते शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 266 अंक की बढ़त के साथ 83,580.40 अंक पर और निफ्टी 50 50.90 अंक ऊपर 25,693.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार में यह तेजी आरबीआई की स्थिर नीतिगत दरों और रीट सेक्टर को कर्ज मंजूरी मिलने की खबर से आई। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,925.35 के निचले स्तर से 655.05 अंक तक उछल गया। निफ्टी में भी उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक रुख रहा। आईटीसी का शेयर 5.09% की मजबूती के साथ शीर्ष प्रदर्शन में रहा। अन्य बढ़त वाले शेयर: कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और बजाज फिनसर्व। गिरावट वाले शेयर: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, इटर्नल और HCL टेक। खरीदारी के लिए मजबूत स्टॉक्स आज इन शेयरों में खरीदारी ...
दिल्ली में होटलों के रेट आसमान छू रहे हैं: एक रात का किराया ₹2.32 लाख तक!
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दिल्ली में होटलों के रेट आसमान छू रहे हैं: एक रात का किराया ₹2.32 लाख तक!

नई दिल्ली। राजधानी में 16 से 20 फरवरी 2026 तक दिल्ली में होटलों के कमरों के किराये में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इस दौरान भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के कारण शहर में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। क्यों बढ़ गए होटलों के रेट? इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में लगभग 35,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। सम्मेलन में 15-20 राष्ट्राध्यक्ष, 50 से अधिक मंत्री और 40 प्रमुख वैश्विक एवं भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के चलते राजधानी के 5-सितारा होटलों में मांग चरम पर पहुंच गई है। किराए के आंकड़े इम्पीरियल होटल: 16 फरवरी को ₹1,97,049 प्रति रात + ₹35,469 टैक्स = ₹2,32,518। हयात रीजेंसी: लगभग ₹50,000 प्रति रात। लीला पैलेस: टैक्स सहित ₹78,000 प्रति रात। शांगरी-ला इरोस होट...
सोना-चांदी की कीमतें 40% तक गिरीं: अब खरीदें या और इंतजार करें?
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सोना-चांदी की कीमतें 40% तक गिरीं: अब खरीदें या और इंतजार करें?

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में हालिया समय में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। पिछले रिकॉर्ड ऊंचे स्तर से सोना लगभग 23% और चांदी 40% नीचे आ चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है। कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव एमसीएक्स गोल्ड: 29 जनवरी को ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर से अब ₹1,55,374 तक गिरा। एमसीएक्स सिल्वर: ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम से लगभग ₹2,50,300 तक नीचे। वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,954.92/औंस और स्पॉट सिल्वर $77.33/औंस पर स्थिर। पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को शॉर्ट कवरिंग के चलते दोनों धातुओं में 2-3% की तेजी देखी गई। तेजी के कारण विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के पीछे कई कारक हैं: डॉलर सूचकांक में गिरावट – डॉलर में कमजोरी से डॉलर-डिनॉम...
रूस में गहरा श्रम संकट: भारत के लिए नई अवसर और चुनौती
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रूस में गहरा श्रम संकट: भारत के लिए नई अवसर और चुनौती

नई दिल्ली। रूस वर्तमान में सदी के सबसे गंभीर श्रम संकट का सामना कर रहा है। देश की अर्थव्यवस्था को अगले दशक तक लगभग 1.1 करोड़ अतिरिक्त श्रमिकों की जरूरत है। इसका असर न सिर्फ रूस के उद्योगों पर पड़ रहा है, बल्कि भारत समेत अन्य आबादी वाले देशों के लिए भी नए अवसर पैदा कर रहा है। जनसांख्यिकीय गिरावट और युद्ध ने बढ़ाई चुनौती विशेषज्ञों के अनुसार, रूस का यह संकट दो बड़ी वजहों से गंभीर हुआ है: जनसांख्यिकीय गिरावट – रूस में लगभग एक चौथाई आबादी रिटायरमेंट की उम्र को पार कर चुकी है। 1990 के दशक से जन्म दर में गिरावट जारी है। यूक्रेन युद्ध – युद्ध में भर्ती किए गए नागरिकों और सैन्य उद्योगों में स्थानांतरित श्रमिकों की वजह से नागरिक क्षेत्रों में श्रम की कमी और बढ़ गई है। अनुमान है कि 5 लाख से 8 लाख कामकाजी उम्र के रूसी नागरिक युद्ध और अन्य कारणों से देश छोड़ चुके हैं। इस कारण, रूस को...
ट्रंप का टैरिफ रोलबैक: राहत के पीछे छुपी बड़ी शर्त, भारत के लिए नई चुनौती?
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ट्रंप का टैरिफ रोलबैक: राहत के पीछे छुपी बड़ी शर्त, भारत के लिए नई चुनौती?

नई दिल्ली। रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त (दंडात्मक) टैरिफ को अमेरिका ने फिलहाल हटा दिया है। यह फैसला अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी कार्यकारी आदेश (Executive Order) के माध्यम से लागू किया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत जितनी बड़ी दिख रही है, असल में उससे कहीं ज्यादा गंभीर और रणनीतिक पहलू इसके साथ जुड़ा हुआ है। निगरानी तंत्र बना असली हथियार जियो-स्ट्रेटेजिस्ट ब्रह्मा चेलानी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ट्रंप के इस आदेश में असली “गेम” टैरिफ हटाने में नहीं, बल्कि उस कड़ी निगरानी व्यवस्था में है जो इसके साथ लागू की गई है। चेलानी के मुताबिक, इस आदेश में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह भारत के तेल आयात स्रोतों पर लगातार नजर रखे। यदि यह पाया गया कि भारत ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप ...