भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने काफी कुछ दे दिया, अब भारत को सही रणनीति अपनानी होगी
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच नया द्विपक्षीय व्यापार समझौता आर्थिक दृष्टि से गेम चेंजर साबित हो सकता है। एसबीआई रिसर्च के अनुसार, इस डील के बाद भारत का अमेरिका के साथ सालाना ट्रेड सरप्लस 45 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि निर्यात क्षमता 100 अरब डॉलर सालाना को पार कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 18 प्रतिशत तक घट गया है। इसका मतलब है कि भारत अमेरिकी बाजार में सबसे प्रतिस्पर्धी एशियाई निर्यातकों में शामिल हो गया है। यह टैरिफ वियतनाम और कई प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से भी कम है, जिससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हुआ है।
निर्यात में बड़े अवसर
एसबीआई रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ टॉप 15 प्रोडक्ट कैटेगरी में निर्यात बढ़ाकर सालाना लगभग 97 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसमें बिजली मशीनरी, परमाणु र...










