
असंगठित ई-रिक्शा चालक-परिचालक संघ ने श्रमिक एकता, संगठन की मजबूती और अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प

उज्जैन | सद्वार्ता

असंगठित ई-रिक्शा चालक-परिचालक संघ द्वारा भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का 72वां स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर श्रमिकों ने संगठन के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करते हुए श्रमिक हितों की रक्षा, संगठन को सशक्त बनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश निजी परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय राष्ट्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश संगठन मंत्री युवराज सिंह राणावत (राणा जी) उपस्थित रहे। उनके साथ गोपाल गुर्जर, जिला अध्यक्ष मनीष बढ़ई, वरिष्ठ अधिकारी हरिशंकर जी तथा रिक्शा संघ के अध्यक्ष बल्लू सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं श्रमिक साथी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ देश का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन है, जिसने पिछले 72 वर्षों से श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा श्रमिक सम्मान के लिए निरंतर कार्य किया है। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने भारतीय मजदूर संघ की विचारधारा, उपलब्धियों और श्रमिक कल्याण के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ई-रिक्शा चालक-परिचालकों की समस्याओं के समाधान तथा उनके हितों की रक्षा के लिए संगठन निरंतर प्रयासरत रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं श्रमिक साथियों ने भारतीय मजदूर संघ के 72वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा श्रमिक एकता, संगठनात्मक मजबूती और राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। समारोह में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक-परिचालक एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।


