
मुंबई, 19 फरवरी 2026: बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग मामले में नई खुलासे सामने आए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला है कि इस हमले में शामिल मुख्य चार आरोपियों को कुल तीन लाख रुपए का लालच दिया गया था। मुख्य आरोपी दीपक चंद्रा को खर्च और तैयारी के लिए 50 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे।
आरोपियों की मानसिकता और तैयारी
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने जल्दी अमीर बनने और इलाके में अपनी पहचान बनाने के लालच में इस गैंग से जुड़ने का फैसला किया। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने कई बार रोहित शेट्टी के घर की रेकी की थी। फायरिंग के बाद सभी आरोपी अलग-अलग रास्तों से मुंबई से बाहर निकल गए और अपने मोबाइल फोन बंद रखे।
हथियार बरामद और फॉरेंसिक जांच
मुंबई क्राइम ब्रांच ने फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्तौल हरियाणा से बरामद की। आरोपी की निशानदेही पर यह हथियार पुलिस ने कब्जे में लिया। अब इसे फॉरेंसिक साइंस लैब में बैलिस्टिक टेस्ट के लिए भेजा गया है। बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद केस की जांच और मजबूत होगी।
जेल में बैठे आरोपी का रहस्य
जांच में पता चला कि बिश्नोई गैंग के शुभम लोनकर और उनके भाई प्रवीण लोनकर ने फायरिंग की योजना बनाई। खास बात यह है कि प्रवीण लोनकर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में जेल में बंद हैं, बावजूद इसके उन्होंने जेल से ही पूरे ऑपरेशन को अपने नेटवर्क के जरिए रिमोट कंट्रोल की तरह संचालित किया।
गिरफ्तारी और जांच
अब तक पुणे, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की करीब 12 टीमें इस केस की जांच में लगी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, प्रवीण लोनकर को जल्द ही इस फायरिंग केस में औपचारिक रूप से पुलिस कस्टडी में लिया जाएगा।
निष्कर्ष:
रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की साजिश जल्दी अमीर बनने की लालसा और अपराधी नेटवर्क की सक्रियता का नतीजा है। अब पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद केस की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
