
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी नीति में बड़ा बदलाव किया है। नई नीति के अनुसार अब राज्य में सात की बजाय सिर्फ तीन दिन ही ड्राई डे रहेंगे। इसके अलावा होली, मुहर्रम और गांधी निर्वाण दिवस जैसे अवसरों पर शराब की दुकानें खुली रहेंगी, जबकि पुरानी नीति में ये दिन ड्राई डे होते थे।
सरकार का तर्क
आबकारी विभाग का कहना है कि इस कदम से राज्य का रेवेन्यू बढ़ेगा और गैरकानूनी बिक्री एवं कालाबाजारी पर रोक लगेगी। मंत्री खुशवंत साहेब ने बताया कि ड्राई डे घटाकर तीन करने का निर्णय बदलते समय के अनुसार लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पब्लिक वेलफेयर और नशे के खिलाफ जागरूकता अभियानों पर भी ध्यान दे रही है।
विरोध की वजह
विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया है। गांधी जी से प्रेरित एक समूह ने गांधी निर्वाण दिवस पर शराब की बिक्री को गांधीजी के मूल्यों और नशा-विरोधी आदर्शों के खिलाफ बताया। विपक्ष का कहना है कि सरकार नैतिकता की बजाय राजस्व को प्राथमिकता दे रही है।
असर और उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य यह है कि बड़े त्यौहारों के दौरान शराब की मांग अधिक होती है। लाइसेंसी दुकानों को खुला रखने से कालाबाजारी कम होगी और नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।
इस बदलाव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आबकारी नीति में संतुलन बनाने और सार्वजनिक हित की दृष्टि से नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
