Thursday, February 19

बंगाल में मतुआ समुदाय के कार्यक्रम में अमित शाह का अलग अंदाज

कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल के नादिया जिले के मायापुर में मतुआ समुदाय के कार्यक्रम में भाग लिया और सामाजिक कल्याण में इस समुदाय के योगदान पर जोर दिया। उन्होंने इस अवसर पर आशा व्यक्त की कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनेगा और सनातन धर्म का संदेश विश्व स्तर पर फैलाया जाएगा।

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अमित शाह ने मतुआ महासंघ के संस्थापक हरिचंद ठाकुर और उनके पुत्र गुरुचंद ठाकुर, साथ ही वैष्णव संत भक्तिसिद्धांत सरस्वती जैसे समाज सुधारकों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन सुधारकों ने भक्ति आंदोलन और आधुनिकता के बीच सेतु का काम किया और समाज में शिक्षा, लैंगिक समानता तथा अस्पृश्यता के खिलाफ सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस मौके पर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि वह मायापुर आए हैं गृह मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि भारत और विदेश में 64 गौड़ीय मठों के भक्त के तौर पर। उन्होंने नादिया को भक्ति आंदोलन का केंद्र बताते हुए कहा, “जब भी कोई विदेशी अतिथि प्रधानमंत्री मोदी से मिलने आता है, तो उन्हें भगवद गीता की प्रति भेंट की जाती है।”

सूत्रों के अनुसार, अमित शाह की यह यात्रा इस साल के अंत में होने वाले चुनावों से पहले दक्षिण-पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय के साथ भाजपा के संबंधों के लिए अहम मानी जा रही है। हालांकि पार्टी के बंगाल पदाधिकारियों ने जोर दिया कि गृह मंत्री ने इस कार्यक्रम में राजनीति को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि समुदाय के सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान को उजागर किया।

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