
मुंबई। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की विशेष अदालत ने इस केस में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की पुलिस हिरासत की अवधि बढ़ाते हुए उन्हें 23 फरवरी 2026 तक दोबारा पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया है।
पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में बाद में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के साथ संयुक्त पूछताछ के लिए इन पांचों की हिरासत अभी जरूरी है। अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद पुलिस की मांग को स्वीकार कर लिया।
पुणे से गिरफ्तार हुए थे पांच आरोपी
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस केस में जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं—
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आदित्य गैकी
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सिद्धार्थ येनपुरे
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समर्थ पोमाजी
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स्वप्निल सकट
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आसाराम फासले
पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। इनका काम हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पकड़े गए शूटरों तक गाड़ी और हथियार मुंबई पहुंचाना था।
दो अलग-अलग ग्रुप की जांच, पुलिस को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी
पुलिस ने कोर्ट में बताया कि इस मामले में सोमवार को गिरफ्तार किए गए शूटर और उनके साथियों का समूह अलग है, जबकि यह पांचों आरोपी दूसरे ग्रुप से जुड़े हुए हैं। अब पुलिस यह जानना चाहती है कि दोनों ग्रुप के बीच किस तरह से तालमेल (कोऑर्डिनेशन) किया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि संयुक्त पूछताछ से यह साफ हो सकेगा कि—
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फायरिंग की साजिश किसने रची
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पैसे किसने दिए और किस माध्यम से दिए
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हथियारों की सप्लाई कैसे हुई
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मास्टरमाइंड कौन है जो दोनों ग्रुप को निर्देश दे रहा था
आरोपी ने लगाया जबरदस्ती बयान और सिग्नेचर का आरोप
इस केस में आरोपी स्वप्निल सकट ने अदालत में दावा किया कि पुलिस ने उससे जबरदस्ती बयान लिया और उस पर सिग्नेचर करने का दबाव बनाया। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप को पूरी तरह झूठा बताते हुए खारिज कर दिया।
फायरिंग से दहशत फैलाकर रंगदारी वसूली की साजिश
मुंबई पुलिस का मानना है कि रोहित शेट्टी के घर पर गोलीबारी केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि एक बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा है। पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि इस घटना के पीछे लॉरेंस गैंग के करीबी और बाबा सिद्दिकी हत्याकांड में वांछित आरोपी शुभम लोणकर का नाम सामने आ रहा है।
पुलिस का शक है कि शुभम लोणकर ने करीब 5 करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए फिल्मी हस्तियों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की योजना बनाई थी। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अब तक 12 गिरफ्तार, पुलिस को धन स्रोत और गाड़ियों की तलाश
इस केस में अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से सात आरोपी हाल ही में हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पकड़े गए हैं।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों की हिरासत इसलिए जरूरी है ताकि—
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फंडिंग और पैसों के स्रोत का पता लगाया जा सके
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अपराध में इस्तेमाल हुई गाड़ियों की जानकारी निकाली जा सके
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दोनों ग्रुप के लिंक और मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके
बचाव पक्ष ने कहा- हिरासत की जरूरत नहीं
आरोपियों की ओर से बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिरगल ने पुलिस की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को पहले ही पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि धन लेन-देन की जांच के लिए आरोपियों की शारीरिक हिरासत जरूरी नहीं है, क्योंकि पुलिस उनके मोबाइल फोन पहले ही जब्त कर चुकी है।
लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस की मांग को उचित मानते हुए 23 फरवरी तक रिमांड बढ़ाने का आदेश दे दिया।
क्या हुआ था रोहित शेट्टी के घर पर?
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 1 फरवरी की रात करीब 12:45 बजे मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। रोहित शेट्टी की इमारत की पहली मंजिल पर कम से कम पांच गोलियां चलाई गई थीं। इनमें से एक गोली इमारत के अंदर स्थित जिम के शीशे पर जाकर लगी थी।
पुलिस का दावा है कि यह गोलीबारी शुभम लोणकर के निर्देश पर की गई थी और इसका उद्देश्य रोहित शेट्टी को चोट पहुंचाना तथा डर का माहौल बनाना था। शुभम लोणकर इस केस में फिलहाल वांछित आरोपी है।
जांच जारी, मास्टरमाइंड की तलाश तेज
फिलहाल मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम इस पूरे मामले में साजिश की जड़ तक पहुंचने और मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए जांच को और तेज कर रही है। 23 फरवरी तक पुलिस रिमांड मिलने के बाद आरोपियों से पूछताछ में कई नए खुलासे होने की उम्मीद है।
