
नई दिल्ली: इंदौर के वरुण रहेजा ने साबित कर दिया कि अगर जॉब की दौड़ में सब पीछे दौड़ रहे हों, तो अलग सोच और मेहनत से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। बीटेक के दौरान जब उनके कई सहपाठी प्लेसमेंट की तैयारी में जुटे थे, वरुण ने सोलर ड्रायर और फूड प्रोसेसिंग में प्रयोग करना शुरू किया। आज उनकी कंपनी ‘रहेजा सोलर फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ सालाना करोड़ों की कमाई कर रही है।
सोलर ड्रायर से किसानों की आय में बढ़ोतरी
वरुण रहेजा ने सौर ऊर्जा के माध्यम से फसल को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने का विचार अपनाया। भारत में पारंपरिक रूप से पापड़, अचार और अन्य खाद्य सामग्री को धूप में सुखाया जाता रहा है। वरुण ने इसी सिद्धांत को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सोलर ड्रायर विकसित किया। इससे किसानों को हर साल होने वाले पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान से बचाव मिलता है। आंकड़ों के अनुसार, पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान के कारण भारतीय किसानों को हर साल 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होता है।
समस्या से समाधान तक
मॉडर्न रिटेल और क्विक कॉमर्स कंपनियां ऐसे उत्पाद मांगती हैं जो आकार और रंग में समान हों। इसी कारण किसानों के 20-30% बेहतरीन उत्पाद रिजेक्ट हो जाते हैं। वरुण रहेजा ने इसे अवसर में बदल दिया। उन्होंने फूड प्रोसेसिंग सॉल्यूशन के साथ-साथ डी2सी ब्रांड ‘बेयर फ्रूट’ लॉन्च किया, जो रिजेक्ट फलों को हेल्दी और प्रिजर्वेटिव-फ्री स्नैक्स में बदलता है। इससे बर्बादी कम हुई और मूल्य सृजन (Value Creation) बढ़ा।
कंपनी की नींव और प्रारंभिक संघर्ष
2018 में बीटेक पूरा करने के बाद वरुण ने अपनी सेविंग से लगभग 25,000–30,000 रुपये निवेश कर पहला सौर ड्रायर बनाया। उसी साल उन्होंने फर्म रजिस्टर की और 2019 में इसे रहेजा सोलर फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड में बदल दिया। कॉलेज में इंटर्नशिप के दौरान उन्हें स्थायी तकनीक और सोलर ड्राइंग में महत्वपूर्ण प्रैक्टिकल ज्ञान मिला, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के उनके प्रयास और भी प्रभावी बने।
शार्क टैंक इंडिया में झटकी डील
वरुण रहेजा ने शार्क टैंक इंडिया सीजन 4 में अपनी मां बबीता के साथ पिच पेश की। उन्होंने पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान कम करने और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा। जजों ने 1.75 करोड़ रुपये की डील 7% इक्विटी के लिए दी। इस सौदे से कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 40 करोड़ रुपये हो गया और किसान नेटवर्क 65,000 से अधिक तक बढ़ा।
भविष्य की उम्मीदें
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी की कमाई 14 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2025-26 में 25 करोड़ रुपये का राजस्व पार करने का अनुमान है। कंपनी ने भारत के 26 राज्यों में 8,000 से अधिक सोलर ड्रायर स्थापित किए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केन्या, मलावी, इंडोनेशिया और भूटान तक विस्तार किया है।
वरुण रहेजा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि अलग सोच और मेहनत से किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
