Tuesday, February 17

ग्रेटर नोएडा में ‘मौत का तालाब’: खेलते-खेलते 10 फुट गहरे तालाब में गिरा 3 साल का मासूम, डूबने से मौत

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र स्थित दलेलगढ़ गांव में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। खेलते-खेलते तीन वर्षीय मासूम देवांश गांव के करीब 10 फुट गहरे तालाब में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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मासूम देवांश अपनी मां अंजलि के साथ बुलंदशहर से अपने नाना के घर आया था। गांव में मंदिर में चल रही 41 दिनों की पूजा के समापन पर भंडारे का आयोजन हो रहा था। इसी दौरान बच्चा खेलते-खेलते तालाब की ओर चला गया और अचानक पानी में गिर पड़ा।

आधे घंटे बाद मिली कैप, तब तक जा चुकी थी जान

परिजनों के अनुसार जब देवांश काफी देर तक नजर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की गई। करीब आधे घंटे बाद तालाब में उसकी कैप तैरती मिली, जिसके बाद ग्रामीणों ने तालाब में उतरकर बच्चे को बाहर निकाला। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

अवैध खनन से तालाब बना जानलेवा, सुरक्षा इंतजाम नदारद

ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तालाब में कई वर्षों से अवैध खनन किया जा रहा था, जिससे इसकी गहराई लगातार बढ़ती गई और यह तालाब अब बच्चों के लिए जानलेवा बन गया।

ग्रामीणों का कहना है कि तालाब में जलकुंभी फैली हुई थी, किनारों पर कोई बैरिकेडिंग या तारबंदी नहीं थी, न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। लोगों ने दावा किया कि खनन विभाग और पुलिस को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

तालाब किसका? जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद

हादसे के बाद तालाब की जमीन को लेकर विवाद भी सामने आया है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दावा है कि यह जमीन गांव के एक किसान के नाम दर्ज है और यह सरकारी तालाब नहीं है। वहीं किसानों का कहना है कि उनकी जमीन घटनास्थल से दूर है। ग्रामीण इसे ग्राम समाज की जमीन बता रहे हैं।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि तालाब की देखरेख की जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की थी और पहले भी सफाई व तारबंदी की मांग की गई थी। सवाल यह उठ रहा है कि जब शिकायतें पहले दी गईं तो जमीन के स्वामित्व की स्थिति पहले स्पष्ट क्यों नहीं की गई?

प्रशासन ने दिया मदद का भरोसा, डीएम ने फेंसिंग के निर्देश

घटना के बाद सोमवार को एसडीएम आशुतोष गुप्ता समेत प्रशासन के अधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया।

डीएम ने तालाब के चारों ओर फेंसिंग कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग: जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कार्रवाई

ग्रामीणों और परिजनों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो मासूम देवांश की जान बच सकती थी।

एक सवाल जो गांव पूछ रहा है—‘मौत के तालाब’ का जिम्मेदार कौन?

दलेलगढ़ गांव में अब हर जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इस तालाब की जिम्मेदारी किसकी थी और कब तक लापरवाही की कीमत मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी?

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