
अहमदाबाद (अचलेंद्र कटियार) – गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन डिप्टी स्पीकर का चुनाव सम्पन्न हुआ। सूरत से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी को ध्वनिमत से विधानसभा का नया उपाध्यक्ष चुना गया। कांग्रेस के विधायक शैलेश परमार का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।
पूर्णेश मोदी तीन बार के विधायक हैं और राज्य में पूर्व में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल के प्रदेश प्रमुख रहते हुए पूर्णेश मोदी कुछ समय हाशिए पर चले गए थे। हाल ही में उन्हें नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया, जिसके बाद उनका मजबूत राजनीतिक कमबैक हुआ है।
राष्ट्रीय सुर्खियों में रहे
पूर्णेश मोदी तब देशभर की सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोडी सरनेम मानहानि केस में गुजरात की कोर्ट के चक्कर लगवाए थे। सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके कारण उनकी लोकसभा सदस्यता चली गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा पर स्टे दे दिया। यह मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।
राजनीतिक संदेश और लाभ
बीजेपी ने पूर्णेश मोदी को डिप्टी स्पीकर बनाकर ओबीसी समुदाय को बड़ा संदेश दिया है। साथ ही उनके पद का फायदा आगामी सूरत महानगरपालिका चुनावों में भी पार्टी को मिलने की संभावना है। पूर्णेश मोदी जेठाभाई भरवाड़ की जगह ले रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में निजी कारणों का हवाला देकर पद से इस्तीफा दिया था।
करियर की झलक
पूर्णेश मोदी ने 2013 के उपचुनाव में पहली बार विधायक बनने के बाद 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीतकर सूरत पश्चिम सीट से प्रतिनिधित्व किया। अब वे 2027 तक गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष के पद पर रहेंगे।
गुजरात विधानसभा के स्पीकर शंकर चौधरी हैं। पूर्णेश मोदी का डिप्टी स्पीकर बनना बीजेपी के लिए राजनीतिक रणनीति और ओबीसी समुदाय से जुड़ाव का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
