
पटना/दिल्ली, 16 फरवरी 2026: जमीन के बदले नौकरी (Land for Job) घोटाले में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव सहित कुल 41 आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए। अब इस पूरे घोटाले का रेगुलर ट्रायल शुरू होगा।
निजी जागीर की तरह इस्तेमाल हुई सरकारी नौकरियां
सुनवाई के दौरान जज विशाल गोगने ने मामले को एक ‘आपराधिक सिंडिकेट‘ और ‘संगठित साजिश‘ करार दिया। अदालत ने कहा कि सरकारी नौकरियों को केवल ‘सौदेबाजी के हथियार’ की तरह इस्तेमाल किया गया, ताकि कीमती जमीनें और संपत्तियां हासिल की जा सकें।
लालू-राबड़ी को फिजिकल पेशी से मिली राहत
सुनवाई में शामिल होने के लिए लालू यादव और राबड़ी देवी पटना से रविवार शाम दिल्ली पहुंचे। कोर्ट ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए भविष्य में फिजिकल हाजिरी से छूट दी है। अब दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हो सकते हैं।
रेगुलर ट्रायल का दौर शुरू
आरोप तय होने के बाद अब हाई-प्रोफाइल ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। अभियोजन पक्ष को गवाहों और सबूतों को अदालत में पेश करना होगा। जांच एजेंसियों का दावा है कि रेलवे अधिकारियों और करीबियों की मिलीभगत से यह साजिश अंजाम दी गई, जिससे रेलवे की छवि और प्रक्रिया को गंभीर नुकसान हुआ।
लालू परिवार से जुड़े मुख्य आरोपी
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लालू प्रसाद यादव – पूर्व रेल मंत्री और मुख्य आरोपी
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राबड़ी देवी – बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री
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तेजस्वी यादव – बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री
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मीसा भारती और हेमा यादव – लालू यादव की बेटियां
कोर्ट ने 52 अन्य लोगों को साक्ष्यों की कमी या तकनीकी आधार पर बरी कर दिया। अब कानूनी प्रक्रिया केवल 41 मुख्य आरोपियों पर केंद्रित रहेगी, जिन्हें कोर्ट ने इस संगठित साजिश का हिस्सा माना है।
