Friday, February 13

‘Border की कहानी झूठी’, लोंगेवाला युद्ध के हवलदार बोले– सनी देओल हमारे नाम पर पैसे कमा रहे

नई दिल्ली: हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। लेकिन 29 साल पहले आई फिल्म ‘बॉर्डर’ को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लोंगेवाला युद्ध में भाग ले चुके हवलदार मुख्तियार सिंह ने दावा किया है कि फिल्म में युद्ध की सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया और वास्तविक हीरो को अनदेखा किया गया।

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असल कहानी और युद्ध के हीरो:
मोहाली के हवलदार मुख्तियार सिंह ने बताया कि लोंगेवाला में उस समय सिर्फ 120 भारतीय जवान थे। युद्ध की रात में पाकिस्तान के 45 टैंक आ गए थे, लेकिन उनकी टुकड़ी ने बहादुरी से मुकाबला किया। इस लड़ाई में केवल तीन कैजुअल्टी हुईं, जबकि बाकी जवान सुरक्षित रहे। मुख्तियार सिंह ने कहा, “फिल्म में सारे जवान शहीद दिखा दिए गए, जबकि असलियत में ऐसा नहीं था। हम चाहते हैं कि इतिहास को सही तरीके से दिखाया जाए।”

सरकारी और फिल्म यूनिट से शिकायत:
मुख्तियार सिंह ने बताया कि उन्होंने दो साल से राजस्थान के सीएम, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सच्चाई बताई है। उन्होंने सनी देओल से केवल इतना ही चाहा कि युद्ध में जिंदा रहे सैनिकों से मुलाकात करें। मुख्तियार सिंह ने कहा, “इतने साल हो गए, लेकिन सरकार ने हमें अब तक पूछा नहीं। अब उस दौर से बहुत कम जिंदा बचे हैं, शायद 10-20 लोग। हम देश के सिपाही हैं।”

सनी देओल पर नाराज़गी:
हवलदार मुख्तियार सिंह ने आरोप लगाया कि सनी देओल हमारी बहादुरी और नाम का फायदा उठाकर फिल्म से कमाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे किसी टीवी या अखबार में ये जानकारी दें कि उस समय पंजाब के 23 जवान बहादुरी से लड़े थे। हमारी मेहनत और शौर्य को फिल्म में नजरअंदाज किया गया।”

सच्चाई का प्रदर्शन जरूरी:
मुख्तियार सिंह ने बताया कि वह पहले फिल्म की कहानी पर ध्यान नहीं दे पाए थे। फिर मीडिया और सेना की मदद से उन्होंने वास्तविक घटनाओं को उजागर किया। उनका कहना है कि अब समय आ गया है कि देश और आने वाली पीढ़ी को सही जानकारी दी जाए, ताकि असली हीरो को सम्मान मिल सके।

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