
नई दिल्ली। अक्सर स्मार्टफोन यूज़र्स यह शिकायत करते हैं कि उन्होंने जिस स्टोरेज वाले फोन को खरीदा, उसका पूरा GB इस्तेमाल के लिए क्यों नहीं मिलता। चाहे 128GB का फोन हो या 1TB, सभी में उपलब्ध स्टोरेज की मात्रा खरीदी गई स्टोरेज से कम ही दिखाई देती है। इसके पीछे कई तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं।
1. ऑपरेटिंग सिस्टम का साइज
कोई भी फोन बिल्कुल खाली नहीं आता। हर डिवाइस में ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) पहले से इंस्टॉल होता है। यह OS ही फोन की स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा ले लेता है। इसी वजह से फोन में बताई गई स्टोरेज का कुछ हिस्सा उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध नहीं होता।
2. ब्लोटवेयर का भार
स्मार्टफोन में OS के अलावा कई ब्लोटवेयर ऐप्स भी मौजूद होते हैं। इनमें सिस्टम ऐप्स और थर्ड पार्टी ऐप्स शामिल हैं। कुछ ऐप्स आइकन के रूप में दिखाई नहीं देतीं, लेकिन बैकग्राउंड में चलती रहती हैं और फोन की स्टोरेज का हिस्सा ले लेती हैं।
3. सिस्टम अपडेट और कैशे फाइल्स
फोन की स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा सिस्टम अपडेट और कैशे फाइल्स में भी जाता है। ये फाइल्स फोन की गति और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए मौजूद रहती हैं। समय के साथ ये स्टोरेज का बड़ा हिस्सा घेर लेती हैं, जिससे यूज़र के लिए कम जगह बचती है।
इसलिए, जब आप नया फोन खरीदते हैं, तो हमेशा ध्यान रखें कि कुल स्टोरेज में से कुछ हिस्सा OS, ब्लोटवेयर और कैशे के लिए पहले से इस्तेमाल में होता है। यह हर स्मार्टफोन, SSD, पेन ड्राइव और अन्य स्टोरेज डिवाइस में समान रूप से देखने को मिलता है।
