Monday, February 9

राहुल रॉय की ‘आशिकी’ ने उड़ाया सितारे, 11 दिनों की गलती ने करियर का दिया झटका

मुंबई: हिंदी सिनेमा के दौर में कई सितारे अचानक रातों-रात सुपरस्टार बनते हैं, लेकिन उनकी एक छोटी-सी गलती भी करियर पर भारी पड़ सकती है। ऐसा ही कुछ हुआ राहुल रॉय के साथ, जिनकी डेब्यू फिल्म ‘आशिकी’ (1990) ने उन्हें चंद महीनों में रातों-रात फैंस का पसंदीदा बना दिया। उनके मासूम चेहरे, चॉकलेटी लुक और लवरबॉय इमेज ने लोगों का दिल जीत लिया और फिल्म लगातार 6 महीने तक सिनेमाघरों में चली।

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सफलता के बाद गलती
‘आशिकी’ की सफलता के बाद राहुल रॉय ने केवल 11 दिनों में 47 फिल्में साइन कर डाली। फिल्में शुरू हुईं, लेकिन ज्यादातर बॉक्स ऑफिस पर पिट गईं। इस फैसले की वजह से उनके करियर में फ्लॉप फिल्मों की बाढ़ आ गई। बैक टू बैक ‘गजब तमाशा’, ‘सपने साजन के’, ‘फिर तेरी कहानी याद आई’, ‘गुमराह’, ‘नसीब’, ‘दिलवाले कभी न हारे’ और ‘बारिश’ जैसी फिल्में हिट नहीं हो पाईं।

दमदार एक्टिंग की कमी
राहुल रॉय की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी, लेकिन उतनी ही तेजी से नीचे भी आई। उनके स्टाइलिश लुक और हेयरस्टाइल ने पहचान जरूर दिलाई, लेकिन दमदार एक्टिंग की कमी और फिल्म को अकेले हिट कराने की क्षमता पर सवाल उठने लगे।

स्वास्थ्य और स्ट्रगल
फ्लॉप फिल्मों के बीच राहुल रॉय शारीरिक बीमारियों से भी जूझने लगे। साल 2020 में कारगिल की शूटिंग के दौरान ब्रेन स्ट्रोक आया। -12°C की कड़ाके की ठंड में शूटिंग कर रहे राहुल को Aphasia हुई, जिससे बोलने और समझने में परेशानी हुई। उन्हें तुरंत श्रीनगर और फिर मुंबई के नानावटी अस्पताल में ICU में भर्ती कराया गया।

रिकवरी के बाद राहुल ने बताया कि मेडिकल ट्रीटमेंट, स्पीच थेरेपी और परिवार व टीम के सहयोग से उन्होंने फिल्म ‘वॉक’ पूरी की। इस फिल्म में उन्होंने कोविड काल में देश में लगे लॉकडाउन और एक दोस्त के बेटे को पैदल 1000 मील ले जाने की कहानी में अहम भूमिका निभाई। फिल्म को जम्मू-कश्मीर फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड भी मिला।

आज की जिंदगी
आज राहुल रॉय कम बजट की फिल्मों और शादी-फंक्शन जैसे आयोजनों में हिस्सा लेकर अपना गुजारा कर रहे हैं। हालांकि उनकी शुरुआती गलती ने उन्हें वो शिखर नहीं दिलाया, जितनी उम्मीद थी, लेकिन उनके फैंस उन्हें आज भी बड़े प्यार और सम्मान के साथ याद करते हैं।

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