
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने अपने वार्डन्स को 48 घंटे के भीतर सभी अवैध स्ट्रक्चर हटाने का निर्देश दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि यह आदेश नहीं माना गया तो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मामला कैसे सामने आया
यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब एक हॉस्टल वार्डन ने अपने सरकारी आवास के लॉन में घरेलू सहायक के लिए अवैध कमरा बनवाया। छात्रों की शिकायत पर यह मामला उजागर हुआ। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, पेरियार हॉस्टल के वार्डन ने प्रशासन की मंजूरी के बिना यह निर्माण कराया था।
सर्कुलर में क्या कहा गया
जेएनयू प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि कुछ वार्डन ने हॉस्टल परिसर के अंदर और आसपास अनाधिकृत निर्माण गतिविधियां (अस्थायी और स्थायी) की हैं। प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसी गतिविधियों से बचें और विश्वविद्यालय परिसर की सामान्य और साझा जगहों की अखंडता बनाए रखें।
सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे निर्माण हाउस आवंटन नियमों के तहत सख्ती से प्रतिबंधित हैं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वार्डनशिप से हटाने सहित अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उप रजिस्ट्रार (एस्टेट) ने नोट किया कि आदेश का पालन न होने पर विश्वविद्यालय बिना किसी और नोटिस के लागू कानूनों के तहत कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।
प्रशासन की मंशा
जेएनयू प्रशासन ने कहा कि यह निर्देश अनुशासन, सुरक्षा और विश्वविद्यालय परिसर के व्यवस्थित कामकाज को बनाए रखने के लिए जारी किया गया है। छात्रों की शिकायत और सरकारी जगहों के दुरुपयोग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।