Monday, February 2

हेमंत सोरेन ने असम में हिमंत बिस्वा सरमा को दी चुनौती, बोले- देश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं

 

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असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को तिनसुकिया में आयोजित आदिवासी महासभा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा और चुनावी चुनौती दी।

 

हेमंत सोरेन ने कहा कि असम में आदिवासी समाज को बांटने का काम किया गया है। प्रवासी आदिवासियों के साथ भेदभाव किया गया और एसटी व टी-ट्राइब के नाम पर समाज को विभाजित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता पांच वर्षों का हिसाब जरूर लेगी।

 

देश की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी

सीएम हेमंत सोरेन ने देश की अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान सत्ता व्यापारी वर्ग की है और चाणक्य के अनुसार, व्यापारी राजा वाले देश की प्रजा भिखारी होती है। उन्होंने महंगाई, नोटबंदी और जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि रोजमर्रा की चीजें जैसे जूता, चप्पल, नमक, तेल, किताब और लेखन सामग्री महंगी हो गई हैं।

 

हेमंत सोरेन ने कहा, “महंगाई कम करने के नाम पर सत्ता में आए लोग झूठ बोलकर आए। नोटबंदी और अन्य आर्थिक नीतियों के कारण आम आदमी की जेब खाली हो गई है। आर्थिक स्थिति किसी भी घर की रीढ़ की हड्डी है, और इसे कमजोर कर दिया गया।”

 

सभाओं में जबरदस्त समर्थन

आदिवासी महासभा के अंत में हेमंत सोरेन के समर्थन में नारे लगाए गए, जैसे “हेमंत सोरेन जिंदाबाद” और “आदिवासी समाज का नेता हेमंत सोरेन जैसा हो”। माना जा रहा है कि जेएमएम इस साल के अंत में होने वाले असम विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार मैदान में उतारेगा।

 

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