
गुजरात में पुलिस सेवा के सक्रिय और मेहनती अधिकारियों में एक नाम है IPS सुशील अग्रवाल। 2017 बैच के इस अधिकारी ने हाल ही में नवसारी में 240 सोने के सिक्कों की चोरी का ऐसा केस सुलझाया, जो क्राइम इंवेस्टिगेशन के लिए मिसाल बन गया है। वर्तमान में वे वडोदरा ग्रामीण एसपी हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी सक्रियता लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
शिक्षा और करियर
सुशील अग्रवाल का जन्म 20 अगस्त 1990 को हुआ था। उनका परिवार मूलतः राजस्थान का है, लेकिन वे सूरत में पले-बढ़े। उन्होंने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की और फिर UPSP परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में कदम रखा। 35 साल की उम्र में ही वे गुजरात कैडर में अपनी समझदारी और सक्रियता के लिए चर्चित हो चुके हैं।
क्राइम जाँच में गहरी रुचि
सुशील अग्रवाल की सबसे बड़ी पहचान है अपराध की जांच में उनकी पूरी ताकत झोंकने की क्षमता। नवसारी एसपी रहते हुए उन्होंने 2023 में एक अनोखे केस को सुलझाया था। मामला कुछ इस तरह का था:
- एक महिला ने अपने घर के काम के लिए विदेश से एक ठेकेदार को जिम्मेदारी दी।
- ठेकेदार ने मध्य प्रदेश के आदिवासी मजदूरों को काम सौंपा।
- काम के दौरान दीवार से 240 चमकते सोने के सिक्के मिले।
- मजदूर सिक्के लेकर अपने घर चले गए और वहां स्थानीय पुलिस पर लूट का आरोप लगा दिया।
इस मुश्किल केस को सुलझाने के लिए सुशील अग्रवाल ने न केवल कई बार मध्य प्रदेश का दौरा किया, बल्कि पुलिस कैंप लगाकर मामले की गहराई से जांच करवाई। नतीजा, सिक्के बरामद हुए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
इस काम के लिए उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री का मेडल भी मिला।
वडोदरा में सक्रियता
नवसारी के बाद अगस्त 2025 में गुजरात सरकार ने उन्हें वडोदरा ग्रामीण एसपी की जिम्मेदारी सौंपी। पांच महीने के कार्यकाल में वे कई बड़े मामलों को सुलझा चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:
- जैन मंदिर लूट का केस
- पादरा में बेटी द्वारा पिता की हत्या का मामला
- शराब माफिया लाला जायसवाल के खिलाफ विजिलेंस की मदद से कार्रवाई, जिसमें 102 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
निजी जीवन
सुशील अग्रवाल की पत्नी शिवानी गोयल हैं, जो 2018 बैच की गुजरात कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। सुशील हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती भाषाओं में निपुण हैं और उन्हें मैराथन में भाग लेना पसंद है।
निष्कर्ष
गुजरात में कानून-व्यवस्था और अपराध रोकथाम में सुशील अग्रवाल की सक्रियता और उनकी समझदारी ने उन्हें पॉपुलर और सम्मानित IPS अधिकारी बना दिया है। 240 सोने के सिक्कों का केस उनकी निरंतर मेहनत और रणनीति का प्रमाण है।