
मुंबई: ग्रेटर मुंबई में उपनगरीय रेलवे नेटवर्क को और अधिक सस्ती और सुविधाजनक बनाने के लिए सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे ने रेलवे बोर्ड को 100 नई नॉन-एयर-कंडीशनड लोकल ट्रेनों के लिए पत्र लिखा है। इस पहल का मकसद आम जनता के लिए लोकल सर्विस को किफायती बनाए रखना और मौजूदा ट्रेनों की उम्र बढ़ाने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में कुल 400 किलोमीटर उपनगरीय रेलवे प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, जिनमें नई लाइनें, मौजूदा लाइनों का डबलिंग और चौगुना करना, तथा अपग्रेडेशन शामिल है। इसके अलावा, पैसेंजर कैपेसिटी बढ़ाने के लिए 12-कोच वाली ट्रेनों को 15-कोच वाली ट्रेनों में बदला जाएगा। अनुमानित लागत लगभग 18,364 करोड़ रुपये है। सभी प्रोजेक्ट्स अगले चार साल में पूरे होने की उम्मीद है।
वर्तमान स्थिति:
- सेंट्रल रेलवे: ट्रिप्स – 1820, ट्रेनें – 134
- वेस्टर्न रेलवे: ट्रिप्स – 1406, ट्रेनें – 96
आवश्यकता और योजना:
एक उपनगरीय ट्रेन की निश्चित जीवन अवधि होती है। वर्तमान में कई लोकल ट्रेनें अपनी सर्विस लाइफ पूरी कर रही हैं। पैसेंजर सेफ्टी को देखते हुए इन ट्रेनें हटाकर नई ट्रेनें चलाना जरूरी है। मुंबई रेलवे डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने 238 नई AC लोकल ट्रेनों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इनमें पहली AC ट्रेन 2030 में शुरू होने की संभावना है।
सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की आगामी परियोजनाएँ और पूरा होने की तारीखें:
सेंट्रल रेलवे:
- CSMT-कुर्ला 5th-6th लाइन: 2019 (फ़ेज़ 1-परेल-कुर्ला 10.1 km, फ़ेज़ 2-परेल-CSMT 7.4 km)
- नई पनवेल-कर्जत सबअर्बन लाइन 29.6 km: मई 2026
- कल्याण-आसनगांव 4th लाइन 32 km: दिसंबर 2026
- कल्याण-बदलापुर 3rd-4th लाइन 14.5 km: दिसंबर 2026
- कल्याण-कसारा 3rd लाइन 67 km: दिसंबर 2026
- बदलापुर-कर्जत 3rd और 4th लाइन 32 km: 2030
- आसनगांव-कसारा 4th लाइन 35 km: 2027
वेस्टर्न रेलवे:
- मुंबई सेंट्रल-बोरीवली 6th लाइन 30 km: आंशिक पूरा
- गोरेगांव-बोरीवली हार्बर एक्सटेंशन 7.8 km: मार्च 2028 (गोरेगांव-मलाड), दिसंबर 2028 (मलाड-बोरीवली)
- बोरीवली-विरार 5th-6th लाइन 26 km: मार्च 2028
- विरार-दहानू 3rd-4th लाइन 64 km: दिसंबर 2026
- नायगांव-जुचंद्र डबल कॉर्ड लाइन 6 km: मार्च 2028
सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता ने बताया कि भविष्य में 15-कोच वाली लोकल ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि पैसेंजर कैपेसिटी बढ़ाई जा सके।