
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने आगामी उपचुनावों की तैयारियों के तहत संगठनात्मक स्तर पर एक अहम निर्णय लिया है। पार्टी ने सभी राज्यों की प्रदेश चुनाव समितियों में आदिवासी (ST), अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक विभागों के प्रदेश अध्यक्षों को स्पेशल इनवाइटी के रूप में शामिल करने का फैसला किया है।
अब तक इन विभागों से चुनावी मुद्दों पर अलग-अलग फीडबैक लिया जाता था, लेकिन वे औपचारिक रूप से चुनाव समितियों का हिस्सा नहीं होते थे। नए फैसले के तहत इन वर्गों से जुड़े प्रतिनिधि सीधे चुनावी रणनीति और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी से लिया गया निर्णय
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद लिया गया है। पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस की परंपरा सामाजिक न्याय, समावेशी प्रतिनिधित्व और सहभागितापूर्ण निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने की रही है।
सामूहिक निर्णय प्रक्रिया होगी सशक्त
कांग्रेस का मानना है कि आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों, उनकी सामाजिक परिस्थितियों और जमीनी अनुभवों को चुनावी फैसलों में सीधे शामिल करने से व्यापक और प्रभावी विमर्श संभव होगा। इससे न केवल सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पार्टी की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया भी अधिक मजबूत और व्यावहारिक बनेगी।
AICC ने इस संबंध में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों, विधायक दल (CLP) नेताओं, महासचिवों और प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
यह कदम कांग्रेस की चुनावी रणनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।