
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ी नाराजगी जताई है। मौलाना बरेलवी का आरोप है कि मुख्यमंत्री का रवैया लगातार मुस्लिम विरोधी रहा है और मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही वह मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा मुसलमानों को घुसपैठिया और बांग्लादेशी बताकर समाज में उनके प्रति नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही मुख्यमंत्री की बयानबाजी और अधिक आक्रामक हो गई है। मुसलमानों को ‘मियां’ कहकर संबोधित करना अपमानजनक है और इससे साफ होता है कि वह किसी भी कीमत पर दोबारा मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। मौलाना के अनुसार, “मुसलमानों का अपमान करने में उन्होंने सभी सीमाएं पार कर दी हैं।”
जियाउर्रहमान बर्क के पिता ने भी जताया विरोध
इससे पहले संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि उनके भीतर मुस्लिम समुदाय के प्रति नफरत है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री का एजेंडा मुसलमानों को देश छोड़ने के लिए मजबूर करना है।
मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क ने कहा कि इसी कथित एजेंडे के तहत असम में लाखों मुसलमानों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के मुसलमान देश छोड़कर नहीं जाएंगे और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते रहेंगे।
क्या बोले थे असम के मुख्यमंत्री
गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक बयान को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘मिया समुदाय’ पर दबाव बनाने की सलाह देने की बात कही थी। बयान में यह भी कहा गया था कि रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी पैदा कर उन्हें राज्य छोड़ने पर मजबूर किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के इसी बयान को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।