
अगर किसी छात्र के परिवार की सालाना आय 91 लाख रुपये से कम है, तो उसके लिए अमेरिका की प्रतिष्ठित आईवी लीग यूनिवर्सिटी येल यूनिवर्सिटी में बिना ट्यूशन फीस के पढ़ाई करने का सुनहरा अवसर है। येल यूनिवर्सिटी ने कम आय वाले परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए अपनी फाइनेंशियल एड पॉलिसी को और अधिक मजबूत किया है।
येल यूनिवर्सिटी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 के फॉल इनटेक में बैचलर्स डिग्री में दाखिला लेने वाले उन छात्रों को पूरी तरह से मुफ्त शिक्षा दी जाएगी, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख डॉलर (लगभग 91 लाख रुपये) से कम है। वहीं, जिन छात्रों के परिवार की आय 2 लाख डॉलर (करीब 1.82 करोड़ रुपये) से कम है, उनकी पूरी ट्यूशन फीस माफ की जाएगी।
विदेशी छात्रों को भी मिलेगा लाभ
इस योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ सिर्फ अमेरिकी छात्रों तक सीमित नहीं है। येल यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए आवेदन करने वाले विदेशी छात्र, जिनमें भारतीय छात्र भी शामिल हैं, इस फाइनेंशियल एड स्कीम के पात्र होंगे। विश्वविद्यालय सभी आवेदकों को नीड-बेस्ड फाइनेंशियल एड प्रदान करता है, चाहे वे किसी भी देश के नागरिक हों।
विदेशी छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा एक विशेष नीड एनालिसिस किया जाता है, जिसमें छात्र के परिवार की आर्थिक स्थिति और उसके देश की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखा जाता है। इसी आधार पर उन्हें आर्थिक सहायता दी जाती है।
हॉस्टल, भोजन और अन्य खर्च भी शामिल
येल यूनिवर्सिटी के अनुसार, अमेरिका के लगभग 80 प्रतिशत परिवारों के बच्चे बिना ट्यूशन फीस दिए यहां पढ़ाई कर सकते हैं। वहीं, करीब 50 प्रतिशत परिवारों के छात्रों को पूरी तरह से फुली-फंडेड शिक्षा मिलती है।
कम आय वाले परिवारों से आने वाले छात्रों को ट्यूशन फीस के अलावा हॉस्टल, भोजन, ट्रैवल अलाउंस और हेल्थ इंश्योरेंस के लिए भी कोई राशि नहीं चुकानी होगी। इसके साथ ही किताबों और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए विश्वविद्यालय की ओर से ग्रांट्स भी दी जाएंगी।
भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत
महंगी विदेशी शिक्षा का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए येल यूनिवर्सिटी की यह पहल एक बड़ी राहत मानी जा रही है। सही योग्यता और मजबूत आवेदन के साथ अब आर्थिक स्थिति अमेरिका की शीर्ष यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की राह में बाधा नहीं बनेगी।