Thursday, January 29

एंजाइटी और डिप्रेशन से जूझ रहीं थीं श्रुति हासन, एक्टिंग से लिया था ब्रेक 8 साल बाद किया खुलासा, बोलीं— रोजमर्रा के काम तक मुश्किल हो गए थे

 

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मुंबई। साउथ और बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री व गायिका श्रुति हासन ने अपनी निजी ज़िंदगी से जुड़ा एक अहम खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में एक्टिंग से लिया गया ब्रेक किसी प्रोफेशनल कारण से नहीं, बल्कि एंजाइटी और डिप्रेशन से जूझने की वजह से था। इस मानसिक स्थिति का असर उनकी रोजमर्रा की ज़िंदगी पर भी पड़ रहा था।

 

हाल ही में ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर’ से बातचीत में श्रुति हासन ने कहा कि वह कई वर्षों तक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से गुजरती रहीं, जिसके कारण सामान्य काम करना भी उनके लिए चुनौती बन गया था। उन्होंने बताया कि यह दौर आत्मचिंतन और खुद को समझने का समय साबित हुआ।

 

परिवार से हमेशा मिला सहयोग

 

श्रुति ने कहा कि वह ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं, जहां कला और रचनात्मकता को पूरी आज़ादी दी गई। उनके माता-पिता कमल हासन और सारिका ने हमेशा उन्हें अपने फैसले खुद लेने की छूट दी। उन्होंने कहा,

“मैं अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देती हूं, लेकिन नई चीज़ें आज़माने से कभी पीछे नहीं हटती।”

 

ब्रेकअप और अकेलेपन का दौर

 

एक्टिंग से ब्रेक लेने के पीछे निजी जीवन में आया बदलाव भी एक वजह रहा। वर्ष 2018 में उनका थिएटर अभिनेता माइकल कोर्सेल से रिश्ता टूट गया था। इस अलगाव पर बात करते हुए श्रुति ने कहा कि उस सेपरेशन से उन्हें खुद को समझने का मौका मिला।

उन्होंने कहा,

“वो समय मेरे लिए आत्ममंथन का था। अपनी मानसिक परेशानियों पर काम करने और खुद को बेहतर समझने का मौका मिला।”

 

लंदन में खुद को फिर से खोजा

 

श्रुति हासन ने बताया कि वह उस दौरान लंदन में अकेले रहीं और संगीत के जरिए खुद को दोबारा तलाशा।

उन्होंने कहा,

“कपड़े खुद धोना, खाना बनाना, मेट्रो से म्यूज़ियम जाना, घंटों बैठकर लिखने की प्रैक्टिस करना और बिना किसी उम्मीद के नए श्रोताओं के सामने म्यूजिक पेश करना— ये अनुभव मेरे लिए अमूल्य थे।”

 

निजी जीवन में उतार-चढ़ाव

 

माइकल कोर्सेल के बाद श्रुति का नाम कलाकार शांतनु हजारिका के साथ जुड़ा। दोनों ने कई वर्षों तक एक-दूसरे को डेट किया, लेकिन 2024 में उनका भी ब्रेकअप हो गया।

 

श्रुति हासन का यह खुलासा मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उन्होंने यह साबित किया है कि आत्मस्वीकृति और खुद पर काम करने से ज़िंदगी को दोबारा संतुलित किया जा सकता है।

 

 

 

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