
पन्ना: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पन्ना जिले में एक महिला की जलने से हुई मौत के मामले में राज्य सरकार और अभियोजन पक्ष को कड़ी फटकार लगाते हुए अपील खारिज कर दी। यह मामला मई 2020 में हुआ था, जब कविता विश्वास अपने घर में चाय बनाते समय खुद पर गर्म चाय गिरने से घायल हो गईं और 26 जून 2020 को अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
कोर्ट ने गौर किया कि मृत्यु पूर्व बयान में महिला ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनके घायल होने और मृत्यु के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। इसके बावजूद उनके पति प्रकाश विश्वास पर दहेज उत्पीड़न और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति राम कुमार चौबे की खंडपीठ ने कहा, “रिकॉर्ड देखने के बाद हम हैरान हैं कि अभियोजन पक्ष कितना बौद्धिक रूप से बेईमान हो सकता है। मृत्यु पूर्व बयान को दर्ज किए बिना मामले में दायर याचिका न्यायसंगत नहीं है।”
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष राज्य का प्रतिनिधित्व करता है और उसे जांच के दौरान एकत्र किए गए सभी सबूत निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करने चाहिए। जजों ने कहा कि मृत्यु पूर्व बयान कविता के माता-पिता और भाई की मौजूदगी में लिया गया और इसे उन्होंने स्वीकार भी किया।
अदालत ने कहा कि राज्य की ओर से दायर यह अपील बिना सोचे-समझे की गई थी और सरकारी वकील को इसे वापस लेने पर विचार करना चाहिए।