Wednesday, January 28

खाड़ी में तनाव चरम पर: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में लाइव-फायर ड्रिल के लिए एयरस्पेस बंद किया, अमेरिकी सैन्य अभ्यास भी शुरू

तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हालात और गंभीर होते दिख रहे हैं। ईरान ने अमेरिकी हमले की आशंका के मद्देनज़र अपने एयरस्पेस का एक हिस्सा बंद करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के पास लाइव-फायर सैन्य अभ्यास की घोषणा की है। इसके लिए ईरान ने नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है।

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ईरानी एविएशन अथॉरिटी के अनुसार, 27 से 29 जनवरी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास पांच नॉटिकल मील के दायरे में लाइव-फायर अभ्यास किया जाएगा। इस दौरान जमीन से 25 हजार फीट की ऊंचाई तक एयरस्पेस प्रतिबंधित रहेगा।

 

रणनीतिक जलमार्ग पर खतरे की घंटी

 

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जिससे रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में उथल-पुथल मच सकती है और भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

 

माना जा रहा है कि ईरान इस सैन्य अभ्यास के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगियों को संकेत देना चाहता है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में वह वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

 

अमेरिकी सैन्य तैयारियां भी तेज

 

ईरान के इस कदम के साथ ही अमेरिका ने भी मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू करने की घोषणा की है। अमेरिकी एयर फोर्स सेंट्रल (AFCENT) के अनुसार, यह अभ्यास कई दिनों तक चलेगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं की तेजी से तैनाती, फैलाव और संचालन क्षमता का प्रदर्शन करना है।

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाला एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ पहले ही क्षेत्र में पहुंच चुका है। इस पोत पर दर्जनों लड़ाकू विमान और करीब 5,000 सैनिक तैनात हैं। इसके अलावा कई गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर भी तैनात किए गए हैं।

 

युद्ध की आशंका गहराई

 

अमेरिका ने साफ किया है कि ईरान से निपटने के लिए सभी विकल्प खुले हैं, जिनमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का “तेज और विनाशकारी” जवाब दिया जाएगा। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि सीमित या सर्जिकल किसी भी हमले को ईरान अपने खिलाफ पूर्ण युद्ध मानेगा।

 

इस बीच ब्रिटेन ने भी क्षेत्र में अपनी “रक्षात्मक क्षमता” के तहत टाइफून लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। वहीं सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान को भरोसा दिलाया है कि उनके एयरस्पेस, समुद्री या जमीनी इलाकों का इस्तेमाल उसके खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने दिया जाएगा।

 

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