
नई दिल्ली: प्लेबैक सिंगर अरिजीत सिंह ने हाल ही में प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का ऐलान कर संगीत प्रेमियों को भावुक कर दिया। इस फैसले के पीछे की वजह उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट और पुराने इंटरव्यू में साझा की।
अरिजीत ने बताया कि उनके गले की ओरिजनल आवाज़ लोगों को पसंद नहीं आई थी। इस वजह से उन्होंने खुद को टॉर्चर किया, अपने गले को तोड़ा-मरोड़ा और आवाज़ का टेक्सचर तराशा ताकि आज हम जो उनकी आवाज़ सुनते हैं, वह बाहर आ सके। अरिजीत ने कहा, “मैंने अपनी आवाज़ बदलने के लिए बहुत संघर्ष किया। यह लगभग अपने आप को तराशने जैसा था, ताकि आवाज़ का प्रोजेक्शन अलग हो और मसल बन जाए।”
उन्होंने यह भी बताया कि गानों के लिए मिलने वाली रॉयल्टी उनके लिए हमेशा चिंता का विषय रही। अरिजीत ने 2018 में कहा था कि यदि हर गाने के लिए रॉयल्टी मिलती, तो उनका भविष्य सुरक्षित हो जाता। हालांकि अब नए कॉपीराइट कानून और डिजिटल स्ट्रीमिंग के कारण उनकी रॉयल्टी बढ़ी है। 2023 की तुलना में भारतीय सिंगर्स की रॉयल्टी 6% बढ़ी और अरिजीत हर साल सबसे ज्यादा स्ट्रीम होने वाले इंडियन आर्टिस्ट रहे हैं। यूट्यूब के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ पिछले साल उनके गाने 15 अरब बार स्ट्रीम हुए, जिससे सालाना लगभग 75 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है।
अरिजीत ने संगीत के अलावा अब फिल्ममेकिंग और प्रोडक्शन में कदम रखा है। उनकी पहली हिंदी फिल्म में उनका बेटा हीरो और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बेटी शोरा हीरोइन हैं। फिल्म की शूटिंग फिलहाल शांतिनिकेतन में चल रही है।
अरिजीत के करियर की बात करें तो उन्होंने 2005 में रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ से शुरुआत की। साल 2013 की फिल्म ‘आशिकी 2’ का गाना ‘तुम ही हो’ उन्हें सुपरस्टार बना गया। इसके बाद उन्होंने ‘मन मस्त मगन’, ‘तोसे नैना’, ‘केसरिया’, और सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ‘मातृभूमि’ गाना गाया। उनके करियर में 2 नेशनल अवॉर्ड और 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स शामिल हैं, और उन्हें साल 2025 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
अरिजीत सिंह की यह यात्रा दर्शाती है कि सफलता के पीछे संगीत, संघर्ष और समर्पण का कितना बड़ा योगदान होता है।