
बागपत।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। बढ़ती उम्र से पहले युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।
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यह घटना खेखड़ा कस्बे के मोहल्ला रामपुर की है। यहां रहने वाली डॉक्टर सुरिंदर कौर शर्मा की बेटी सिमरन शर्मा (18) सोमवार शाम अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। सिमरन ने पिछले वर्ष ही 12वीं की परीक्षा पास की थी और डॉक्टर बनने के सपने के साथ नीट की तैयारी में जुटी हुई थी। रात करीब आठ बजे जब उसका भाई राघव कमरे में पहुंचा, तो सिमरन बेड से नीचे गिरी हुई मिली। उसका शरीर पसीने से पूरी तरह भीगा हुआ था।
परिजन उसे तत्काल संभाल पाते, उससे पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। मां सुरिंदर कौर ने जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिवार ने गहरे सदमे के चलते पोस्टमॉर्टम नहीं कराया। परिजनों के अनुसार, सिमरन की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
परिवार के सपने टूटे, मोहल्ले में शोक
सिमरन की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटी को डॉक्टर बनते देखने का सपना आंखों में संजोए माता-पिता बेसुध हैं। मोहल्ले में मातम पसरा है और हर आंख नम है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि इतनी कम उम्र में भी हार्ट अटैक जानलेवा साबित हो रहा है।
युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे अत्यधिक तनाव, पढ़ाई और करियर का दबाव, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। उच्च रक्तचाप और बदलती खानपान की आदतें भी युवाओं के दिल पर भारी पड़ रही हैं।
डॉक्टरों ने युवाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव से दूर रहने की सलाह दी है। सिमरन की मौत एक कड़वी चेतावनी है कि सेहत की अनदेखी अब किसी भी उम्र में जानलेवा साबित हो सकती है।