
वाराणसी: पौराणिक नगरी काशी में अब शहर के भव्य स्वरूप का नजारा सीधे आसमान से देखने का अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने काशी के वरुणापार इलाके में ट्विन टावर और उनके बीच ग्लास आधारित स्काई वॉक बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह प्रदेश में किसी इमारत में बनने वाला पहला स्काई वॉक होगा।
स्काई वॉक की खासियत
100 फुट ऊंचाई पर बनने वाले ग्लास बेस वाले गलियारे में चहलकदमी करने पर ऐसा अनुभव होगा जैसे आप आसमान में चल रहे हों।
यहां से पुरानी और नई काशी का अद्भुत दृश्य देखा जा सकेगा।
शीशे के गलियारे में एक साथ 25-30 लोग चहलकदमी कर सकते हैं।
दूरबीन की मदद से शहर के प्रमुख स्थलों को ऊंचाई से देखा जा सकेगा।
ट्विन टावर की योजना
कमिश्नरी कैंपस के 6.50 एकड़ क्षेत्र में 10-10 मंजिला दो टावर बनाए जाएंगे।
ट्विन टावर का बाहरी हिस्सा काशी विश्वनाथ मंदिर की आकृति में होगा, जबकि स्काई वॉक डमरू जैसा दिखेगा।
दोनों टावरों के बेसमेंट में 450 से अधिक वाहनों की पार्किंग की सुविधा होगी।
एक टावर में कमिश्नरी के 57 सरकारी विभागों के कार्यालय शिफ्ट होंगे, जबकि दूसरे टावर में व्यावसायिक कार्य, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल और कैफेटेरिया की सुविधा होगी।
ट्विन टावर में कैंटीन, कॉन्फ्रेंस हॉल और कॉमन मीटिंग रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
निर्माण और लागत
यह परियोजना पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर पूरी की जाएगी।
निर्माण का जिम्मा गुरुग्राम की प्रॉम्ट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सौंपा गया है।
अनुमानित लागत लगभग 300 करोड़ रुपये है।
निर्माण कार्य दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कमिश्नर एस. राजलिंगम ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे पर इसका शिलान्यास कराने की कोशिश की जाएगी।