Saturday, January 24

सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC अधिकारी के मोबाइल पर ED रोक लगाने से किया इनकार, पूछा- “आप इतने डरे हुए क्यों हैं?”

 

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC पदाधिकारी जितेंद्र मेहता के मोबाइल से जानकारी लेने से ईडी को रोकने से इनकार कर दिया। यह मामला 8 जनवरी को दिल्ली स्थित I-PAC के ऑफिस में हुई तलाशी से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि करीब 20 करोड़ रुपये हवाला के माध्यम से गोवा भेजे गए।

 

 

 

सुनवाई में कोर्ट का सवाल

 

गुरुवार को सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सी. ए. सुंदरम ने दावा किया कि ईडी को फोन खोलने की अनुमति देना मेहता के प्राइवेसी अधिकारों का उल्लंघन होगा। उन्होंने गुहार लगाई कि अगली सुनवाई तक ED को ऐसा करने से रोका जाए।

 

हालांकि, बेंच ने सीधे प्रश्न किया:

 

“आप इतने डरे हुए क्यों हैं?”

 

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वे निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करने की प्रक्रिया जानते हैं।

 

 

 

जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस

 

ईडी ने तलाशी अभियान के दौरान I-PAC के दिल्ली ऑफिस से डिजिटल डिवाइस जब्त किए थे। सुंदरम ने कोर्ट से कहा कि इन मामलों में मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया जाना चाहिए।

 

दिलचस्प यह है कि कोलकाता में ईडी ऐसा नहीं कर पाई, क्योंकि तलाशी के दौरान टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंच गई थीं।

 

 

 

अगले कदम की तैयारी

 

सीजेआई बेंच ने इस मामले को अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामलों से जुड़े आरोपियों के डिजिटल डिवाइस तक पहुंच पर रोक वाले मामलों के साथ जोड़ दिया है। सुनवाई अब मंगलवार को होगी।

 

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