
मिर्जापुर। जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बरकछा इलाके में गुरुवार को पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान जिम संचालक व ट्रेनर फरीद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से दो अवैध तमंचे भी बरामद किए हैं। आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरीद लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। गुरुवार को सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। मुठभेड़ के बाद आरोपी को काबू में ले लिया गया।
दो युवतियों की शिकायत से खुला मामला
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत दो युवतियों की शिकायत से हुई थी। आरोप है कि जिम ट्रेनर ने पहले दोस्ती और प्रेम का भरोसा दिलाया, फिर कथित तौर पर निजी वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया। पीड़िताओं का कहना है कि उनसे मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया तथा जबरन आस्था बदलने का दबाव भी बनाया गया। विरोध करने पर वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
संगठित नेटवर्क के संकेत
जांच के दौरान पुलिस को संकेत मिले कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इससे पहले पुलिस मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर और सादाब को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साथ ही, KGN और बी-फिट सहित कुल पांच जिमों को सीज किया गया है।
डिजिटल साक्ष्यों पर जांच
पुलिस का कहना है कि पीड़िताओं के बयान, डिजिटल साक्ष्य और बैंक लेन-देन से जुड़े तथ्यों के आधार पर केस को मजबूत किया जा रहा है। आरोपी फरीद से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने इसे गंभीर सामाजिक अपराध बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।