Wednesday, January 21

बदलती विश्व व्यवस्था में भारत-स्पेन सहयोग अहम, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस जरूरी: जयशंकर

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नई दिल्ली में स्पेन के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार, रक्षा, एआई और मेक-इन-इंडिया पर बनी सहमति

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नई दिल्ली।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि विश्व व्यवस्था एक बड़े और गहन परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में समान सोच वाले देशों के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने यह बात बुधवार को नई दिल्ली में स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान कही। जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि दुनिया को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए, क्योंकि भारत और स्पेन—दोनों ही इस वैश्विक खतरे के शिकार रहे हैं।

बैठक के बाद विदेश मंत्री ने कहा कि स्पेन, यूरोपीय संघ में भारत का एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है। हाल के वर्षों में भारत-स्पेन के बीच द्विपक्षीय माल व्यापार 8 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी।

व्यापार और निवेश को मिलेगा नया विस्तार
जयशंकर ने बताया कि स्पेनिश कंपनियों ने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी गतिशीलता, इंजीनियरिंग, जल प्रबंधन और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। वहीं भारतीय कंपनियां भी स्पेन में आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोटिव क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग को और गहरा करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

सितंबर तक तैयार होगा पहला मेड-इन-इंडिया C295 विमान
मेक-इन-इंडिया पहल का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने बताया कि वडोदरा में एयरबस-टाटा की C295 फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन अक्टूबर 2024 में किया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना के तहत पहला मेड-इन-इंडिया C295 विमान सितंबर से पहले फैक्ट्री से बाहर आ जाएगा, जो भारत-स्पेन रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

AI इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा भारत
जयशंकर ने कहा कि भारत अगले महीने AI इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा। उन्होंने बताया कि भारत का एआई दृष्टिकोण मानव-केंद्रित, समावेशी और जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग पर आधारित है, जो यूरोप के दृष्टिकोण से भी मेल खाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह वर्ष एआई के क्षेत्र में संस्थागत और उद्योग-नेतृत्व वाले सहयोग को नई दिशा देगा।

स्पेन ने भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हैं और ऐसे समय में भारत जैसे देश के साथ रिश्तों को मजबूत करना स्पेन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और बहुपक्षवाद में विश्वास रखने वाला देश है।

अल्बेरेस ने यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक संकेत होगा। उन्होंने बताया कि स्पेन और भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और इसका लाभ दोनों देशों की कंपनियों को मिल रहा है।

स्पेन के राष्ट्रपति जल्द करेंगे भारत दौरा
स्पेन के विदेश मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज जल्द ही आधिकारिक यात्रा पर भारत आएंगे। उन्होंने आशा जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भविष्य में स्पेन का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश यूरोपीय संघ और बहुपक्षीय मंचों के साथ-साथ द्विपक्षीय स्तर पर भी सहयोग को आगे बढ़ाते रहेंगे और इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में भागीदारी को लेकर भी सकारात्मक हैं।

यह द्विपक्षीय वार्ता स्पष्ट संकेत देती है कि बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच भारत और स्पेन अपने रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

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