Tuesday, January 20

केजीएमयू वीसी डॉ. सोनिया नित्यानंद का खुलासा: हिंदू होने पर गर्व, संवैधानिक पद पर निष्पक्षता मेरी जिम्मेदारी

 

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लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में धर्म परिवर्तन को लेकर मचे विवाद पर कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने साफ और निर्णायक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू होने पर गर्व है और अगले जन्म में भी वे हिंदू परिवार में जन्म लेना चाहेंगी, लेकिन संवैधानिक पद पर रहते हुए उनका कर्तव्य है कि सभी धर्मों के प्रति निष्पक्ष और समान दृष्टिकोण रखें।

 

धर्म परिवर्तन विवाद और कुलपति का पक्ष

 

हाल ही में कुछ हिंदू संगठनों द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन पर संगठित रूप से धर्म परिवर्तन करवाने के आरोप लगाए गए थे और लगातार प्रदर्शन किए जा रहे थे। इस मामले पर डॉ. नित्यानंद ने कहा, “केजीएमयू जैसे शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थानों में जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। मेरा कर्तव्य है कि सभी छात्रों और कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार किया जाए।”

 

विशाखा कमेटी जांच का मामला

 

कुलपति ने यह भी बताया कि महिला रेजिडेंट डॉक्टर की ओर से यौन उत्पीड़न की लिखित शिकायत मिली थी। इसके बाद नियमों के अनुसार विशाखा कमेटी का गठन किया गया। जांच में पाया गया कि दोनों रेजिडेंट डॉक्टरों को रूम अलॉट किया गया था, लेकिन महिला को पुरुष रेजिडेंट से दूरी बनानी पड़ी। पुरुष रेजिडेंट दोषी पाए जाने पर डीजीएमई को सेवा समाप्ति के लिए पत्र भेजा गया।

 

अन्य आरोपों पर प्रतिक्रिया

 

कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में अवैध कब्जों के खिलाफ उनके कार्यकाल में सख्त कार्रवाई की गई। सभी कॉन्ट्रैक्चुअल नियुक्तियां सेवा योजन पोर्टल के माध्यम से होती हैं और किसी धर्म विशेष को प्राथमिकता नहीं दी जाती। OSD पर लगे आरोप भी निराधार हैं, क्योंकि उनकी नियुक्ति अनुभव और काम के आधार पर हुई थी।

 

भविष्य की योजनाएं

 

डॉ. नित्यानंद ने कहा कि संस्थान ने नेशनल रैंकिंग में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए रिसर्च के स्तर को बेहतर किया जा रहा है।

 

उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में न्यू ट्रॉमा सेंटर, जनरल सर्जरी और एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, और हर 15 दिन में इसकी समीक्षा की जा रही है। महिलाओं के लिए एपेक्स सेंटर और नए डेंटल ब्लॉक का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने वाला है।

 

कुलपति का स्पष्ट संदेश है कि धर्म और जाति के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव या प्रचार विश्वविद्यालय में नहीं होने दिया जाएगा और सभी नियमों के अनुसार निष्पक्षता बरती जाएगी।

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