
यूरोप में जॉब के लिए नीदरलैंड तेजी से भारतीय वर्कर्स की पसंद बनता जा रहा है। यहां साफ-सुथरे शहर, शांति और वर्क-लाइफ बैलेंस जैसी खूबियां मिलती हैं, जो भारत में सीमित रूप से ही देखने को मिलती हैं।
नीदरलैंड में फाइनेंस क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय वर्कर अनुज शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस यूरोपीय देश को चुनने के पीछे 7 मुख्य वजहें थीं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव साझा किए और कहा कि ये पूरी तरह उनके निजी अनुभव पर आधारित हैं।
अनुज द्वारा बताई 7 प्रमुख वजहें:
- 30% टैक्स नियम:
नीदरलैंड में विदेशी वर्कर्स को शुरुआत के 5 साल तक आय पर टैक्स छूट मिलती है, जिससे इनहैंड सैलरी बढ़ जाती है।
- जॉब सिक्योरिटी:
लेबर कानून कड़े हैं और कर्मचारियों के अधिकार मजबूत, जिससे वर्कर्स सुरक्षित और जॉब में स्थिर महसूस करते हैं।
- अंग्रेजी बोलने की सुविधा:
यहां 98% आबादी अंग्रेजी बोलती है, जिससे भारतीयों के लिए बसना और घुल-मिल जाना आसान हो जाता है।
- वर्क-लाइफ बैलेंस:
नीदरलैंड में काम और निजी जीवन का संतुलन हकीकत है। लोग निजी समय का सम्मान करते हैं और काम खत्म होते ही जीवन में तनाव नहीं आता।
- साफ-सुथरे शहर और शांति:
शहर साफ-सुथरे हैं और चारों तरफ शांति है, जिससे जीवन की क्वालिटी बढ़ जाती है।
- सुविधाजनक पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साइकलिंग:
ट्रेन, बस और साइकिलिंग की सुविधाएं इतनी अच्छी हैं कि कार की जरूरत कम पड़ती है और रोज़मर्रा की यात्रा आसान और किफायती बनती है।
- सुव्यवस्थित प्रशासन:
देश में कागजी कार्रवाई से लेकर बुनियादी सेवाओं तक सब कुछ व्यवस्थित है, जिससे तनाव कम होता है और मन को शांति मिलती है।
अनुज ने अन्य भारतीयों को सलाह दी कि अगर किसी को नीदरलैंड में जॉब चाहिए, तो वीजा-स्पॉन्सर करने वाली कंपनियों की रिसर्च करनी चाहिए और सीधे उनके करियर पेज पर आवेदन करना चाहिए। नीदरलैंड में वर्क-लाइफ बैलेंस सप्ताह में 29-36 घंटे काम के लिए जाना जाता है।