Monday, January 19

नई दिल्ली | पाकिस्तानी कनेक्शन उजागर होने के बाद ईडी का कड़ा एक्शन, ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप ‘मैजिकविन’ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा और सख्त कदम उठाया है। ईडी ने मैजिकविननामक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के खिलाफ चार्जशीट (अभियोजन शिकायत) दाखिल करते हुए 14 व्यक्तियों और कंपनियों को आरोपी बनाया है। यह कार्रवाई देश में ऑनलाइन सट्टेबाजी और असली पैसे वाले गेमिंग पर 2025 में लगाए गए प्रतिबंध के बाद की गई है।

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ईडी के अनुसार, यह अभियोजन शिकायत 15 जनवरी को अहमदाबाद (गुजरात) स्थित धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में दाखिल की गई। यह मामला अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस की एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2024 के मैचों की अनधिकृत मेजबानी, लाइव स्ट्रीमिंग और प्रसारण के आरोप लगाए गए थे। इन मैचों के आधिकारिक प्रसारण अधिकार स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास थे।

पाकिस्तानी नागरिक कर रहे थे संचालन
ईडी की जांच में सामने आया है कि मैजिकविन स्पोर्ट्स लिमिटेड, जो इस ब्रांड पोर्टल की मालिक है, यूनाइटेड किंगडम में पंजीकृत है। कंपनी के निदेशक पाकिस्तानी नागरिक गुलाब हरजी मल और ओमेश कुमार गुरनानी हैं, जो कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहे हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, यही लोग पूरे सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।

बेटिंग एक्सचेंज की तरह करता था काम
ईडी ने बताया कि मैजिकविन पोर्टल और उसका मोबाइल ऐप बेटिंग एक्सचेंज की तरह काम करता था। इस प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और घुड़दौड़ सहित विभिन्न खेलों पर सट्टेबाजी की सुविधा दी जाती थी। उपयोगकर्ताओं को दांव लगाने के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव स्कोरकार्ड देखने की भी सुविधा दी जाती थी। लेन-देन के लिए फर्जी और बोगस खातों का इस्तेमाल किया जाता था।

लाइव कैसीनो और जुए के कई खेल
ईडी के मुताबिक, मैजिकविन लाइव कैसीनो सेवाएं भी प्रदान करता था, जिनमें बैकरेट, तीन पत्ती, रूलेट, अंदरबाहर, पोकर और ब्लैकजैक जैसे जुए के खेल शामिल थे। खास बात यह है कि इन खेलों का संचालन बॉट्स नहीं, बल्कि लाइव डीलरों के जरिए किया जाता था, जिससे यूजर्स को असली कैसीनो जैसा अनुभव दिया जाता था।

हवाला और क्रिप्टो के जरिए पैसा ट्रांसफर
जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टेबाजी से अर्जित अवैध धन को हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए देश-विदेश में ट्रांसफर किया जाता था। ईडी ने यह भी बताया कि इस ऐप का कई मशहूर हस्तियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा प्रचार किया गया, जिससे बड़ी संख्या में युवा इसकी ओर आकर्षित हुए।

युवाओं को बर्बाद करने वाला नेटवर्क
ईडी ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने 2025 में ऑनलाइन सट्टेबाजी और असली पैसे वाले गेमिंग को वित्तीय और सामाजिक बुराई मानते हुए प्रतिबंधित किया था। एजेंसी के मुताबिक, ऐसे प्लेटफॉर्म खासतौर पर युवाओं की मेहनत की कमाई को बर्बाद करते हैं और उन्हें अपराध की दुनिया की ओर धकेलते हैं।

फिलहाल ईडी मामले में आरोपियों की भूमिका, धन शोधन के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

 

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