
नागपुर: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का नागपुर दौरा नितिन गडकरी के घर पर एक यादगार मुलाकात में तब्दील हो गया, जब गडकरी के छोटे पोतों ने उन्हें साष्टांग प्रणाम कर अपने संस्कारों की झलक दिखाई। इस दृश्य ने राजनाथ सिंह को चकित और प्रसन्न दोनों कर दिया।
नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भारतीय संस्कृति और चरित्र निर्माण का प्रतीक माना जाता है। इस पृष्ठभूमि में जब केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह नितिन गडकरी के घर पहुंचे, तो उनके स्वागत की पूरी तैयारी गडकरी ने स्वयं की। बच्चों द्वारा किए गए साष्टांग प्रणाम ने सभी उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। राजनाथ सिंह ने बच्चों को प्यार से दुलार किया और नितिन गडकरी ने मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सोशल मीडिया पर गडकरी परिवार के बच्चों के संस्कार की जमकर तारीफ हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में जहाँ अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे भी आधुनिक जीवनशैली में संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं, वहां गडकरी परिवार के बच्चे उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
साष्टांग प्रणाम:
साष्टांग प्रणाम या दंडवत प्रणाम में शरीर के आठ अंग—सिर, हाथ, हृदय, घुटने, पैर, आंखें, वचन और मन—को भूमि से स्पर्श कराते हुए पूर्ण श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया जाता है। यह अहंकार त्यागकर सम्मान प्रदर्शित करने का सबसे शुद्ध तरीका माना जाता है।
नितिन गडकरी का परिवार:
नितिन गडकरी का जन्म 27 मई 1957 को हुआ था। उनके माता-पिता जयराम रामचंद्र गडकरी और भानुताई गडकरी हैं। गडकरी के दो बेटे—सारंग और निखिल—और एक बेटी केतकी हैं। उनके परिवार में दो नाती और तीन नातिन हैं। गडकरी का पूरा परिवार वर्तमान में नागपुर में ही निवास करता है।
इस मुलाकात ने यह स्पष्ट किया कि गडकरी परिवार में संस्कार और परंपरा का कितना महत्व है। बच्चों की इस सादगी और विनम्रता ने न केवल राजनाथ सिंह बल्कि आम लोगों का भी दिल जीत लिया।