
नागपुर: महाराष्ट्र के 29 नगर निगम चुनावों में राजनीतिक घटनाक्रम और उलटफेर सामने आए हैं। नागपुर महानगरपालिका में हिंसा और दंगों के मुख्य आरोपी फहीम खान की पत्नी अलीशा खान ने वार्ड 3 से जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद फहीम खान ने भाजपा को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उत्तर प्रदेश की तरह ‘बुलडोजर पॉलिटिक्स’ महाराष्ट्र में काम नहीं करेगी।
फहीम खान ने कहा, “अगर बुलडोजर से न्याय देने की कोशिश की गई, अगर किसी का घर गिराया गया, तो इससे मुसलमानों में 100 नेता पैदा होंगे। गलत तरीके से किसी फहीम को गिरफ्तार किया गया, तो आपकी पार्टी की स्थिति और कमजोर होगी।”
यह घटना मार्च 2025 के नागपुर महल इलाके में हुए दंगों की याद दिलाती है। उस समय नगर निगम ने बुलडोजर चला कर फहीम खान के परिवार का घर गिरा दिया था। फहीम खान को दंगों में मुख्य आरोपी बताया गया था और उन्होंने जेल में चार महीने बिताए। फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। नगर निगम चुनावों में पत्नी अलीशा की जीत के बाद फहीम खान ने यह भी कहा कि अब वह उसी घर को फिर से बनवाएंगे जिसे नगर पालिका ने गिराया था।
नागपुर चुनाव का सारांश:
- वार्ड 3: अलीशा खान (AIMIM) जीत गईं।
- कुल सीटें: बीजेपी+शिवसेना – 105, कांग्रेस+वंचित बहुत आघाड़ी – 35, AIMIM सहित अन्य – 11
- वार्ड 3 में हिंदू आबादी होने के बावजूद AIMIM की जीत ने सभी को चौंका दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, नागपुर की इस घटना ने महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों को बदलने की संभावना दिखा दी है। फहीम खान की चेतावनी और पत्नी की जीत राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं कि यहाँ की राजनीति में स्थानीय और संवेदनशील मुद्दों की भारी भूमिका है।