मऊ। छोटे रस्तीपुर गांव के रहने वाले राहुल गौतम के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियों के मामले में तीन महीने से अधिक समय तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित के बड़े भाई विशाल गौतम का आरोप है कि राहुल के साथ कुछ लोगों ने 10 सितंबर, 2025 को रास्ते में मारपीट की और कहा—“तुम पढ़-लिखकर डीएम बनोगे तो हमारा काम कौन करेगा।”
घटना के बाद 11 सितंबर को राहुल और विशाल थाने पहुंचे और 12 सितंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेडिकल जांच कराई, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद 13 जनवरी, 2026 को FIR दर्ज की गई।
दूसरी तरफ आरोपियों ने मारपीट से इनकार करते हुए कहा कि यह केवल खेलकूद के दौरान विवाद था। उनका कहना है कि भीम आर्मी मामले को राजनीतिक रंग दे रही है और वे पूरी तरह निर्दोष हैं।
सीओ सदर कृष राजपूत ने बताया कि मामला अब जांच के दायरे में है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी राजनीतिक दबाव में पुलिस कार्रवाई प्रभावित नहीं होती।