
फिल्म में 1999 के कंधार विमान अपहरण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से जुड़े दृश्यों को लेकर विवाद, आलोचक कह रहे हैं बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गयानई दिल्ली: बॉक्स ऑफिस पर छाई फिल्म धुरंधर की कहानी को लेकर अब नए विवाद उभरे हैं। आलोचक और कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि फिल्म में 1999 के कंधार विमान अपहरण (IC-814) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से जुड़े तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
आलोचकों का आरोप:
द कारवां मैगजीन के अनुसार, विमान में “भारत माता की जय” का नारा लगाने का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं है और इसे केवल नरेटिव गढ़ने के लिए दिखाया गया।
फिल्म में आतंकियों की रिहाई और खुफिया एजेंसियों के दावे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है।
पूर्व रॉ प्रमुख ए.एस. दुलत और 2010 की ‘अमन की आशा’ पहल का जिक्र करते हुए फिल्म पर कूटनीतिक प्रयासों को कम दिखाने का आरोप भी लगाया गया।
सच्चाई क्या है:
फैक्ट चेक के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक पुराने इंटरव्यू में खुद कहा था कि उन्होंने विमान के अंदर “भारत माता की जय” का नारा लगाया था। डोभाल के अनुसार, यात्रियों की ओर से इस पर कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं आई।
पृष्ठभूमि:
24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली जा रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को आतंकियों ने हाईजैक किया।
विमान में 176 यात्री और 15 क्रू मेंबर थे।
आतंकियों ने विमान को तालिबान नियंत्रण वाले अफगानिस्तान के कंधार में उतारा और भारत सरकार से तीन आतंकियों की रिहाई की मांग रखी।
निष्कर्ष:
फिल्म धुरंधर की कहानी मुख्य घटनाओं पर आधारित है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि कुछ दृश्यों और संवादों में वास्तविकता को बढ़ा-चढ़ाकर या चयनित तरीके से दिखाया गया है। वहीं फैक्ट चेक से पता चलता है कि कुछ घटनाएं जैसे “भारत माता की जय” का नारा, वास्तविकता पर आधारित हैं।