
पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक मेधावी छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले पटना पुलिस ने इस घटना को दवा का ओवरडोज बताते हुए सामान्य मौत मानने की कोशिश की थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका सामने आने के बाद पुलिस के प्रारंभिक दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
छात्रा के परिजन लगातार दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाते रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती निष्कर्षों में यह संकेत मिला है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा हुई हो सकती है। इस खुलासे के बाद परिजनों और समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है।
सामाजिक और मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लोग पटना पुलिस के प्रारंभिक बयानों की आलोचना कर रहे हैं। पहले पुलिस ने छात्रा को नींद की गोलियों की आदी बताकर मामले को सामान्य मौत के रूप में पेश किया था। पटना एसएसपी ने भी दुष्कर्म की आशंका से इनकार किया था। अब रिपोर्ट में यौन हिंसा के संकेत मिलने के बाद पुलिस के इन बयानों पर गंभीर प्रश्न उठे हैं।
बढ़ते दबाव और सबूतों के सामने आने के बाद पुलिस ने हॉस्टल मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के बाद छात्र संगठनों और आम नागरिकों ने आर ब्लॉक से आयकर गोलंबर तक विरोध मार्च निकाला, जिसमें ‘छात्रा को न्याय दो’ और ‘दोषी को सजा दो’ जैसे नारे लगाए गए।
परिजन अब मांग कर रहे हैं कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने मामले को गलत दिशा देने की कोशिश की। यह मामला बिहार सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।