
राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार को भारतीय सेना का अद्भुत शौर्य देखने को मिला। सेना दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में जाबांज जवानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए और जनता को अपनी बहादुरी का अनुभव कराया। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर के तहत इस्तेमाल किए जाने वाले अत्याधुनिक हथियार और उपकरण भी प्रदर्शित किए गए, जिनसे सैनिकों की ताकत कई गुना बढ़ जाती है।
भारतीय सेना की ताकत का यह प्रदर्शन न केवल देशवासियों के लिए गर्व का विषय रहा, बल्कि दुनिया को भी यह दिखाता है कि हमारी सेना हर मोर्चे पर मजबूत और तैयार है।
सेना की 15 ‘धुरंधर’ ताकतें
- भीष्म टैंक और अर्जुन टैंक – युद्धक्षेत्र में असाधारण शक्ति और सुरक्षा प्रदान करने वाले ये टैंक रूस और भारत के सहयोग से विकसित किए गए हैं।
- हाई मोबिलिटी टोही दस्ता – रेगिस्तान, पहाड़, जंगल और कीचड़ हर जगह संचालित होने में सक्षम, 2 किमी तक ड्रोन को बाधित करने की क्षमता रखता है।
- अपग्रेडेड बीएमपी-II – पैदल सैनिकों के लिए उच्च गतिशीलता और सुरक्षा।
- सारथ – अत्याधुनिक ट्रांसपोर्ट और युद्ध समर्थन वाहन।
- नाग मिसाइल सिस्टम – एंटी-टैंक और लंबी दूरी की मारक क्षमता।
- अपग्रेडेड शिल्का – एंटी-एयरक्राफ्ट प्रणाली, हवा से खतरे को नष्ट करने में सक्षम।
- K9 VAJRA-T – उच्च शक्ति वाला तोपखाना वाहन।
- रफ टैरेन टेक्टिकल हॉलर – कठिन इलाकों में तेज़ी से संचालन करने वाला वाहन।
- अजयकेतू (ऑल टेरेन व्हीकल) – हर तरह के भूभाग में युद्ध संचालन की क्षमता।
- एसएमवी – आधुनिक पैदल सेना समर्थन प्रणाली।
- एंटी टैंक मोबाइल टीम – दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाने में विशेषज्ञ।
- ड्रोन शक्ति – निगरानी और टोही में आधुनिक तकनीक का उपयोग।
- हेलेना हेलिकॉप्टर लॉन्च नाग मिसाइल – हवा से मारक क्षमता बढ़ाने वाला हेलिकॉप्टर।
- ड्रोन जैमर – दुश्मन ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक खतरे को निष्क्रिय करने वाला उपकरण।
- टोही दस्ता – जमीनी और हवाई निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला विशेष बल।
अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत इन हथियारों और वाहनों ने भारतीय सेना की ताकत को और बढ़ाया है। जयपुर में प्रदर्शित यह अद्भुत तकनीक और साहस भारतीय सेना की अडिग प्रतिबद्धता और तैयारियों का प्रतीक है।