
नई दिल्ली।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे और नीतिगत तैयारियों के मामले में उत्तर प्रदेश ने देश में चौथा स्थान हासिल किया है। नीति आयोग द्वारा बुधवार को जारी एक्सपोर्ट प्रीपेयर्डनेस इंडेक्स (EPI) 2024 में महाराष्ट्र को पहला स्थान मिला है, जबकि तमिलनाडु दूसरे और गुजरात तीसरे नंबर पर रहे।
इस रैंकिंग में राज्यों की निर्यात अवसंरचना, कारोबारी इकोसिस्टम, नीति एवं शासन व्यवस्था और निर्यात प्रदर्शन जैसे अहम पैमानों पर विस्तृत समीक्षा की गई है।
बड़े राज्यों में यूपी चौथे स्थान पर
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार,
महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात के बाद उत्तर प्रदेश बड़े राज्यों की श्रेणी में चौथे स्थान पर रहा है।
यूपी के बाद इस सूची में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पंजाब का स्थान रहा।
छोटे राज्यों में उत्तराखंड अव्वल
छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में उत्तराखंड ने पहला स्थान हासिल किया है।
इसके बाद क्रमशः
जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, तथा त्रिपुरा का स्थान रहा।
नीति आयोग का जोर: मजबूत निर्यात इकोसिस्टम जरूरी
रिपोर्ट जारी करते हुए नीति आयोग के सीईओ बी. वी. आर. सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत लगातार कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट कर रहा है। ऐसे में राज्यों के पास निर्यात के लिए मजबूत और आधुनिक व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राज्यों को ऐसा इकोसिस्टम विकसित करना होगा, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप हो और नए अवसरों व चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहे।
जिलों में प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता पर जोर
इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा कि राज्यों को व्यापार के नए अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने पर ध्यान देना चाहिए।
साथ ही, उत्पादों की गुणवत्ता सुधारना और जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना भी समय की मांग है।
निष्कर्ष
एक्सपोर्ट प्रीपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश का चौथा स्थान यह दर्शाता है कि राज्य निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, शीर्ष तीन राज्यों की बराबरी करने के लिए यूपी को अभी अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीति क्रियान्वयन और वैश्विक बाजार से जुड़ाव को और मजबूत करना होगा।