
कानपुर: यूपी के कानपुर मंडल में धर्मांतरण का जाल सक्रिय होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कानपुर देहात के अकबरपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार कन्नौज, औरैया और फर्रुखाबाद से जुड़े हुए हैं। डीआईजी हरीशचंदर का कहना है कि इन चार जिलों में कोरोना काल के बाद से 1,000 से ज्यादा लोगों के धर्मांतरण की आशंका है।
जांच में पता चला कि इस खेल के पीछे आंध्र प्रदेश की नवाकांति सोसायटी का नाम है। सोसायटी 2022 से सक्रिय है और इस काम के लिए विदेशी फंडिंग की भी संभावना है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि फर्रुखाबाद और कन्नौज में भी धर्मांतरण का गिरोह सक्रिय है।
धर्मांतरण का तरीका:
पहले दूसरे प्रदेशों से पादरी बुलाए जाते थे, लेकिन शक बढ़ने के बाद स्थानीय लोगों को पादरी बनाया गया। अकबरपुर के बाढ़ापुर में कानपुर-इटावा हाईवे के किनारे बने चर्च से पादरी हरिओम त्यागी, डेनियल शरद सिंह और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की कार्रवाई:
उन्नाव, कन्नौज और कानपुर देहात में गिरोह पर निगरानी रखी जा रही है। बजरंगदल के पुखरायां प्रखंड संयोजक अंशु द्विवेदी ने बताया कि चर्च में धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था। कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि कन्नौज में गिरफ्तार आरोपियों ने अहम दस्तावेज जला दिए, जिससे साफ होता है कि गिरोह को पुलिस की संभावित कार्रवाई का अंदेशा था। पुलिस पूरे गिरोह की तह तक जांच कर रही है।