
नई दिल्ली: साल 2025 में रेसिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में मुंबई ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई भारत का सबसे बड़ा आवासीय रियल एस्टेट बाजार बन गया है। इसके साथ ही ऑफिस स्पेस लीजिंग में भी यह शहर पिछले एक दशक में दूसरे सबसे बड़े आंकड़े को छू गया।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
- साल 2025 में मुंबई में कुल 9.8 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस किराए पर लिया गया। यह पिछले साल की तुलना में 5% कम है, लेकिन पिछले दस सालों में यह दूसरा सबसे मजबूत साल रहा।
- साल की दूसरी छमाही (H2 2025) में 4.3 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस किराए पर लिया गया।
रेसिडेंशियल मार्केट का हाल
- मुंबई में साल 2025 में कुल 97,188 मकान बिके, जो पिछले साल की तुलना में 1% अधिक हैं।
- साल की दूसरी छमाही में 50,153 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो 3% की बढ़ोतरी दर्शाती है।
- मकानों की औसत कीमत में 7% की वृद्धि हुई, अब यह 8,856 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।
महंगे मकानों की बढ़ती लोकप्रियता
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि लोग अब सस्ते मकानों की बजाय 2 से 5 करोड़ रुपये वाले लग्जरी मकानों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे मेट्रो लाइन 3 और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, उपनगरीय इलाकों में घरों की मांग को बढ़ा रहे हैं।
वैश्विक कंपनियों की नजर मुंबई पर
नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर गुलाम जिया के अनुसार, “मुंबई का ऑफिस मार्केट लंबे समय से स्थिर बना हुआ है। GCC कंपनियों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। वैश्विक कंपनियां उच्च-स्तरीय विश्लेषण और साझा सेवाओं के लिए मुंबई के प्रतिभाशाली पूल का लाभ उठा रही हैं।”
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार में लग्जरी और प्रीमियम सेगमेंट की बढ़ती मांग ने इसे देश का रीसिडेंशियल डॉन बना दिया है।
