Wednesday, January 21

बड़वानी में झकझोर देने वाला खुलासा: शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, नवजात को खेत में छोड़ा

 

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मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के पलसूद थाना क्षेत्र में खेत में मिली नवजात बच्ची के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि बच्ची की मां 17 वर्षीय नाबालिग है, जिसे शादी का झांसा देकर एक शादीशुदा युवक ने दुष्कर्म का शिकार बनाया। सामाजिक बदनामी और भय के चलते प्रसव के बाद नवजात बच्ची को खेत में छोड़ दिया गया।

 

खेत में मिली थी नाजुक हालत में नवजात

 

पलसूद थाना प्रभारी सुखलाल भंवर ने बताया कि 17 दिसंबर को थाना क्षेत्र के एक खेत में नवजात बच्ची मिलने की सूचना पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। बच्ची बेहद नाजुक हालत में थी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हर पहलू से जांच की।

 

मजदूरी के दौरान हुआ परिचय, दिया गया शादी का झूठा भरोसा

 

जांच के दौरान पुलिस ने नवजात की 17 वर्षीय नाबालिग मां की पहचान कर ली। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि मजदूरी के दौरान उसकी पहचान अनिल उर्फ डोलू (27 वर्ष) से हुई थी। आरोपी ने शादी का वादा कर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

 

गर्भ की जानकारी के बाद आरोपी ने किया किनारा

 

पीड़िता के अनुसार, गर्भ ठहरने की जानकारी उसे काफी समय बाद हुई। इसके बाद आरोपी ने उससे दूरी बना ली और मिलना-जुलना बंद कर दिया। घर पर ही मां की मदद से प्रसव कराया गया, लेकिन समाज और परिवार में बदनामी तथा अविवाहित बेटी की शादी को लेकर भय के चलते नवजात बच्ची को खेत में छोड़ दिया गया।

 

तीन बच्चों का पिता निकला आरोपी, भेजा गया जेल

 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और तीन बच्चों का पिता है। नाबालिग के गर्भवती होने के बाद आरोपी को अपने परिवार के टूटने का डर सताने लगा, जिसके चलते उसने शादी से इनकार कर दिया और प्रसव के बाद महाराष्ट्र फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

 

नाबालिग मां और उसकी मां पर भी दर्ज हुआ मामला

 

पुलिस ने नवजात बच्ची को खेत में छोड़ने के आरोप में नाबालिग लड़की और उसकी मां के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है। हालांकि, उन्हें नोटिस ऑफ अपीयरेंस देकर फिलहाल रिहा कर दिया गया है। दोनों ने बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते नवजात को जिला अस्पताल में संरक्षण में रखा गया है।

 

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी तय करेगी बच्ची का भविष्य

 

पुलिस के अनुसार, नवजात बच्ची के भविष्य को लेकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) निर्णय लेगी। मामले की पुष्टि के लिए नवजात, नाबालिग मां और आरोपी के डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। यह मामला पूरे क्षेत्र में गहन चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है।

 

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