Sunday, June 21

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बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर भारत ने तोड़ी चुप्पी, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ढाका सरकार से की सख्त मांग

भारत ने बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बर्बर हत्या के मामले में दोषियों को न्याय दिलाने का सख्त आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेशी मीडिया में चल रही भ्रामक खबरों को खारिज करते हुए कहा कि नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा की स्थिति बिगड़ाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

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दोषियों को न्याय दिलाने की मांग

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हमलों पर लगातार नजर रख रहे हैं। हमने ढाका सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि दीपू चंद्र दास के हत्यारों को अदालत के कटघरे में लाया जाए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के अधिकारी लगातार बांग्लादेशी अधिकारियों के संपर्क में हैं।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण था

विदेश मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को बांग्लादेश के मैमनसिंह में दीपू की हत्या के विरोध में बांग्लादेश उच्चायोग के सामने लगभग 20–25 युवाओं ने शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन किया और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की। बांग्लादेशी मीडिया में यह दावा किया गया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की, जिसे भारत ने पूरी तरह खारिज किया।

बांग्लादेश में बढ़ती अशांति

विदेश मंत्रालय ने याद दिलाया कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में अशांति और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। पिछले साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से हिंदू आबादी अल्पसंख्यक विरोधी घटनाओं का सामना कर रही है। भारत लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ढाका सरकार से संपर्क बनाए हुए है।

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