मोबाइल चार्जर असली है या नकली? ये 3 आसान तरीके जानें और बैटरी रखें 100% सुरक्षित
नई दिल्ली। अक्सर नया मोबाइल चार्जर खरीदने के बावजूद फोन धीमे चार्ज होने लगता है या चार्जिंग में समस्या आती है। इसका मुख्य कारण नकली चार्जर हो सकता है। खासकर OPPO, Realme और OnePlus के सुपरवूक फास्ट चार्जर की नकली कॉपियां बाजार में खूब मिलती हैं। नकली चार्जर सस्ते जरूर होते हैं, लेकिन ये फोन की बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कभी-कभी आग लगने का खतरा भी होता है।
1. QR कोड और सीरियल नंबर से पहचानें
असली चार्जर पर QR कोड और सीरियल नंबर लिखा होता है। QR कोड स्कैन करने पर 27 अंकों का नंबर दिखाई देता है। चार्जर पर लिखे 16 अंकों या अक्षरों वाले सीरियल नंबर से QR कोड का आखिरी 16 अंक मिलाना जरूरी है। अगर नंबर मैच नहीं करता, तो चार्जर नकली हो सकता है।
2. चार्जर की बनावट और फिनिशिंग देखें
असली चार्जर की बनावट स्मूथ और साफ होती है। किनारे चिकने होते हैं, कोई प्लास्टिक का अतिरिक्त टुकड़ा ...










