Sunday, February 15

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रात को सोने से पहले इन 6 चीज़ों का प्लग निकालें, आएगी चैन की नींद और बचेगा बिजली का बिल
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रात को सोने से पहले इन 6 चीज़ों का प्लग निकालें, आएगी चैन की नींद और बचेगा बिजली का बिल

नई दिल्ली। हमारे घरों में कई ऐसे गैजेट और अप्लायंस होते हैं जिन्हें हम एक बार प्लग में लगाकर भूल जाते हैं। ये सिर्फ बिजली की खपत बढ़ाते ही नहीं, बल्कि आपकी नींद और स्वास्थ्य पर भी असर डालते हैं। आइए जानते हैं उन 6 चीज़ों के बारे में, जिन्हें रात को सोते समय या इस्तेमाल के बाद हर हाल में प्लग से निकालना चाहिए। 1. राउटर रात में सोते समय WiFi राउटर का प्लग निकालना जरूरी है। लगातार काम करने वाले राउटर से निकलने वाली वेव्स नींद में खलल डाल सकती हैं। कोशिश करें कि इंटरनेट राउटर उस कमरे में न हो जिसमें आप सोते हैं। 2. मोबाइल और लैपटॉप चार्जर चार्जर प्लग में लगे रहने से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बिजली खपत होती रहती है। इसके अलावा, खराब चार्जर से आग लगने का खतरा भी रहता है। सोने से पहले इन्हें अनप्लग करना सुरक्षा और बिजली बचत दोनों के लिए फायदेमंद है। 3. हीटर और गीजर सर्दियों में इस्तेमाल होने व...
तार वाला या बिना तार वाला ईयरफोन: जानें कौन सा आपके लिए बेहतर है
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तार वाला या बिना तार वाला ईयरफोन: जानें कौन सा आपके लिए बेहतर है

नई दिल्ली। आजकल गाने सुनने या कॉल करने के लिए ईयरफोन हर किसी के लिए जरूरी हो गए हैं। मार्केट में दो प्रकार के ईयरफोन उपलब्ध हैं — वायर्ड (तार वाले) और वायरलेस (बिना तार वाले)। लेकिन अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि कौन सा ईयरफोन उनके लिए बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं दोनों के फायदे और नुकसान। वायरलेस ईयरफोन के फायदे तार की झंझट से मुक्ति: इन्हें ब्लूटूथ से कनेक्ट किया जाता है, इसलिए फोन जेब में रखने के बावजूद आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। मुफ्त आवाज़ और नॉइज़ कैंसलेशन: कई मॉडल बाहरी आवाज़ को रोकते हैं और ऑडियो क्वालिटी भी बेहतर होती है। मोबिलिटी: जिम या दौड़ते समय तार उलझने की समस्या नहीं होती। रेंज: 10-15 मीटर तक ब्लूटूथ से कनेक्शन। बैटरी लाइफ: कुछ मॉडल में 5-10 घंटे तक चलती है। नुकसान: बैटरी खत्म होने पर काम नहीं करेंगे। चार्जिंग समय लगता है और अक्सर महंगे ह...
पासपोर्ट पर पता बदलवाना अब आसान, घर बैठे ऑनलाइन करें अप्लाई पुराना पता होने से हो सकती है परेशानी, नया पासपोर्ट बनेगा अपडेटेड एड्रेस के साथ
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पासपोर्ट पर पता बदलवाना अब आसान, घर बैठे ऑनलाइन करें अप्लाई पुराना पता होने से हो सकती है परेशानी, नया पासपोर्ट बनेगा अपडेटेड एड्रेस के साथ

नई दिल्ली। क्या आपके पासपोर्ट पर पुराना पता दर्ज है? यह सिर्फ यात्रा के दौरान ही नहीं, बल्कि पहचान पत्र के रूप में भी अहम है। गलत या पुराना पता इमिग्रेशन, वीजा अप्लाई और अन्य प्रशासनिक कामों में समस्या पैदा कर सकता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि पासपोर्ट पर एड्रेस अपडेट कराना अब घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है। पता बदलने पर नया पासपोर्ट जारी होगा पासपोर्ट में एड्रेस बदलना पर्सनल डिटेल्स में बदलाव माना जाता है। इसलिए मौजूदा पासपोर्ट में बदलाव करने के बजाय नया पासपोर्ट जारी किया जाता है। यह सुरक्षा और सही वेरिफिकेशन सुनिश्चित करता है, ताकि भविष्य में किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी न हो। ऑनलाइन आवेदन कैसे करें Passport Seva वेबसाइट पर जाकर अपने अकाउंट में लॉग-इन करें। Passport Re-issue विकल्प चुनें और कारण में Change of Personal Particulars दर्ज करें। अपना नया पता सही-स...
Truecaller संकट में? CNAP फीचर के लागू होने से भारत में हो सकता है बड़ा बदलाव सरकारी टेक्नोलॉजी से कॉलर की पहचान अब बिना ऐप के होगी, भविष्य में Truecaller पर असरनई दिल्ली। भारत में Truecaller के करीब 25 करोड़ यूजर्स हैं, जो इसे मुख्य रूप से अनजान नंबरों की पहचान के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब सरकार के CNAP (Calling Name Presentation) फीचर के लागू होने के बाद यह स्थिति बदल सकती है। CNAP सीधे मोबाइल नेटवर्क पर उपलब्ध होगा, जिससे यूजर्स को कॉलर का नाम जानने के लिए किसी अलग ऐप की जरूरत नहीं होगी। CNAP क्या है और कैसे काम करेगा? CNAP एक नेटवर्क-लेवल फीचर है। इसके जरिए: •	आपके फोन पर आने वाले कॉल पर सिर्फ नंबर नहीं, कॉल करने वाले का नाम भी दिखेगा। •	इसके लिए किसी ऐप को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी। •	यूजर को अपनी प्राइवेसी परमिशन देने की आवश्यकता भी नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य स्पैम कॉल को कम करना और यूजर्स को अधिक सुरक्षित बनाना है। Truecaller पर CNAP का असर Truecaller का मुख्य फीचर—कॉलर का नाम दिखाना—अब CNAP के जरिए मुफ्त और सीधे उपलब्ध होगा। इसका मतलब है: •	नए फोन सेटअप करते समय यूजर्स अब Truecaller इंस्टॉल करने की जरूरत महसूस नहीं करेंगे। •	Truecaller के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है क्योंकि उसका प्रमुख फीचर टेलीकॉम कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। CNAP और Truecaller में फर्क •	CNAP: कॉल करने वाले का KYC डेटा इस्तेमाल करके नाम दिखाता है। •	Truecaller: नाम अक्सर यूजर्स द्वारा डाले जाते हैं (क्राउडसोर्स्ड)। इस वजह से CNAP द्वारा दिखाया गया नाम Truecaller की तुलना में अधिक विश्वसनीय और सही होगा। भविष्य क्या कहता है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Truecaller समय रहते अपने बिजनेस मॉडल को बदल ले, तो वह अभी भी यूजर्स के लिए प्रासंगिक रह सकता है। लेकिन CNAP के लागू होने के बाद आम यूजर्स के लिए Truecaller का प्रमुख उपयोग—अनजान नंबर की पहचान—कम हो जाएगा। निष्कर्ष: CNAP फीचर के आने से भारत में कॉलर आईडेंटिफिकेशन का तरीका बदल जाएगा। अब यूजर्स बिना किसी ऐप के सीधे कॉल करने वाले का नाम देख पाएंगे। इस बदलाव से Truecaller के भविष्य पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, और ऐप को खुद को नया रूप देने की जरूरत होगी।
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Truecaller संकट में? CNAP फीचर के लागू होने से भारत में हो सकता है बड़ा बदलाव सरकारी टेक्नोलॉजी से कॉलर की पहचान अब बिना ऐप के होगी, भविष्य में Truecaller पर असरनई दिल्ली। भारत में Truecaller के करीब 25 करोड़ यूजर्स हैं, जो इसे मुख्य रूप से अनजान नंबरों की पहचान के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब सरकार के CNAP (Calling Name Presentation) फीचर के लागू होने के बाद यह स्थिति बदल सकती है। CNAP सीधे मोबाइल नेटवर्क पर उपलब्ध होगा, जिससे यूजर्स को कॉलर का नाम जानने के लिए किसी अलग ऐप की जरूरत नहीं होगी। CNAP क्या है और कैसे काम करेगा? CNAP एक नेटवर्क-लेवल फीचर है। इसके जरिए: • आपके फोन पर आने वाले कॉल पर सिर्फ नंबर नहीं, कॉल करने वाले का नाम भी दिखेगा। • इसके लिए किसी ऐप को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी। • यूजर को अपनी प्राइवेसी परमिशन देने की आवश्यकता भी नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य स्पैम कॉल को कम करना और यूजर्स को अधिक सुरक्षित बनाना है। Truecaller पर CNAP का असर Truecaller का मुख्य फीचर—कॉलर का नाम दिखाना—अब CNAP के जरिए मुफ्त और सीधे उपलब्ध होगा। इसका मतलब है: • नए फोन सेटअप करते समय यूजर्स अब Truecaller इंस्टॉल करने की जरूरत महसूस नहीं करेंगे। • Truecaller के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है क्योंकि उसका प्रमुख फीचर टेलीकॉम कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। CNAP और Truecaller में फर्क • CNAP: कॉल करने वाले का KYC डेटा इस्तेमाल करके नाम दिखाता है। • Truecaller: नाम अक्सर यूजर्स द्वारा डाले जाते हैं (क्राउडसोर्स्ड)। इस वजह से CNAP द्वारा दिखाया गया नाम Truecaller की तुलना में अधिक विश्वसनीय और सही होगा। भविष्य क्या कहता है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Truecaller समय रहते अपने बिजनेस मॉडल को बदल ले, तो वह अभी भी यूजर्स के लिए प्रासंगिक रह सकता है। लेकिन CNAP के लागू होने के बाद आम यूजर्स के लिए Truecaller का प्रमुख उपयोग—अनजान नंबर की पहचान—कम हो जाएगा। निष्कर्ष: CNAP फीचर के आने से भारत में कॉलर आईडेंटिफिकेशन का तरीका बदल जाएगा। अब यूजर्स बिना किसी ऐप के सीधे कॉल करने वाले का नाम देख पाएंगे। इस बदलाव से Truecaller के भविष्य पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, और ऐप को खुद को नया रूप देने की जरूरत होगी।

नई दिल्ली। भारत में Truecaller के करीब 25 करोड़ यूजर्स हैं, जो इसे मुख्य रूप से अनजान नंबरों की पहचान के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब सरकार के CNAP (Calling Name Presentation) फीचर के लागू होने के बाद यह स्थिति बदल सकती है। CNAP सीधे मोबाइल नेटवर्क पर उपलब्ध होगा, जिससे यूजर्स को कॉलर का नाम जानने के लिए किसी अलग ऐप की जरूरत नहीं होगी। CNAP क्या है और कैसे काम करेगा? CNAP एक नेटवर्क-लेवल फीचर है। इसके जरिए: आपके फोन पर आने वाले कॉल पर सिर्फ नंबर नहीं, कॉल करने वाले का नाम भी दिखेगा। इसके लिए किसी ऐप को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी। यूजर को अपनी प्राइवेसी परमिशन देने की आवश्यकता भी नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य स्पैम कॉल को कम करना और यूजर्स को अधिक सुरक्षित बनाना है। Truecaller पर CNAP का असर Truecaller का मुख्य फीचर—कॉलर का नाम दिखाना—अब CNAP के जरिए मुफ्त और सीधे...
2026 में AI से जुड़ी 6 डराने वाली भविष्यवाणियां, प्राइवेसी और सुरक्षा पर मंडरा सकता है खतरा ओपनएआई, गूगल जैसी कंपनियों के हालात से निकली चेतावनियां, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकती है टेंशन
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2026 में AI से जुड़ी 6 डराने वाली भविष्यवाणियां, प्राइवेसी और सुरक्षा पर मंडरा सकता है खतरा ओपनएआई, गूगल जैसी कंपनियों के हालात से निकली चेतावनियां, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकती है टेंशन

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास तेजी से हो रहा है और 2026 में इसका प्रभाव और भी अधिक दिखेगा। हालांकि, हालिया रिपोर्ट में छह ऐसी भविष्यवाणियां सामने आई हैं, जो न सिर्फ हमारी प्राइवेसी बल्कि नौकरियों, निवेश और सामाजिक तंत्र पर भी असर डाल सकती हैं। अमेरिकी मैगजीन वायर्ड ने इन भविष्यवाणियों का विश्लेषण किया है। 1. AI का विकास धीमा पड़ सकता है दुनिया भर में डेटा सेंटर बनाने के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है। अमेरिका में सोशल मीडिया पर लोग विरोध कर रहे हैं, जबकि चीन और रूस गलत जानकारी फैला सकते हैं। इससे डेटा सेंटर के निर्माण में रुकावट आएगी और AI का विकास धीमा पड़ सकता है। गलत जानकारी और फेक वीडियो अंतरराष्ट्रीय टेंशन भी बढ़ा सकते हैं। 2. घर में रोबोट्स को लाना अब भी चुनौती 2026 में टेक कॉन्फ्रेंस में AI वाले रोबोट्स चर्चा का केंद्र होंगे। गूगल जैसे ब्रांड रोबोट्स को घर के काम सिखा ...
फ्रिज से जोर-जोर की आवाज आ रही है? Samsung और LG ने बताया समाधान जानें किस तरह पहचानें समस्या और खुद ही ठीक करें शोर को
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फ्रिज से जोर-जोर की आवाज आ रही है? Samsung और LG ने बताया समाधान जानें किस तरह पहचानें समस्या और खुद ही ठीक करें शोर को

नई दिल्ली। अगर आपके फ्रिज से लगातार अजीब और जोर-जोर की आवाजें आ रही हैं, तो यह न सिर्फ आपकी परेशानी बढ़ा सकता है बल्कि समय रहते ध्यान न देने पर फ्रिज के पुर्जों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। सैमसंग और LG ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी है कि कौन-सी आवाजें सामान्य हैं और किन आवाजों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। 1. तेज घिसने या टकराने की आवाज इस तरह की आवाज आमतौर पर कंडेनसर फैन मोटर और फ्रीजर में जमी बर्फ के कारण होती है। समाधान: फ्रिज को कम से कम 2–3 घंटे के लिए बंद रखें। फ्रीजर और फ्रिज का दरवाजा खुला रखें ताकि जमी बर्फ पिघल सके। इसके बाद फ्रिज को फिर से चालू करें; आमतौर पर आवाज बंद हो जाती है। 2. घनघनाने या कंपकंपाने की आवाज इसकी वजह अक्सर फ्रिज का बैलेंस बिगड़ना या अंदर रखे सामान का एडजस्टमेंट होता है। समाधान: फ्रिज को हल्के हाथ से हिलाकर देखें; अगर हिलता है तो पैर...
फट रहा है राशन कार्ड? अब बनवाएं ATM जैसा मजबूत PVC कार्ड जानिए पूरा प्रोसेस, घर बैठे कैसे मिलेगा डिजिटल राशन कार्ड
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फट रहा है राशन कार्ड? अब बनवाएं ATM जैसा मजबूत PVC कार्ड जानिए पूरा प्रोसेस, घर बैठे कैसे मिलेगा डिजिटल राशन कार्ड

नई दिल्ली। अगर आपका राशन कार्ड बार-बार फट जाता है या संभालकर रखने में परेशानी होती है, तो अब चिंता की जरूरत नहीं। सरकार ने डिजिटल सुविधा देकर इस समस्या का आसान समाधान निकाल दिया है। अब आप अपने ई-राशन कार्ड को ATM जैसे मजबूत PVC (प्लास्टिक) कार्ड में बदलवा सकते हैं, जिससे न तो वह फटेगा और न ही खराब होगा। दरअसल, पुराने कागज की किताब की तरह मिलने वाले राशन कार्ड समय के साथ घिस जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘मेरा राशन (Mera Ration)’ ऐप के जरिए डिजिटल राशन कार्ड की सुविधा शुरू की है। क्या है PVC राशन कार्ड? PVC राशन कार्ड असल में आपके डिजिटल राशन कार्ड की ही प्लास्टिक कॉपी होती है, जिसे आप निजी तौर पर प्रिंट करवा सकते हैं। यह ATM कार्ड की तरह मजबूत होता है और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। ऐसे डाउनलोड करें डिजिटल राशन कार्ड सबसे पहले अपने मोबाइल में Mera Ration ऐप इंस्टॉ...
चीन और अमेरिका में ‘सरकारी जासूसी’ का हाई-टेक जाल कैमरे, स्कैनर और इन्फ्रारेड तकनीक से हर कदम पर निगरानी
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चीन और अमेरिका में ‘सरकारी जासूसी’ का हाई-टेक जाल कैमरे, स्कैनर और इन्फ्रारेड तकनीक से हर कदम पर निगरानी

नई दिल्ली। आधुनिक तकनीक ने सुरक्षा के नाम पर निगरानी को अभूतपूर्व स्तर तक पहुंचा दिया है। चीन और अमेरिका जैसे देशों में सरकारें अब ऐसे सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं, जिनमें कैमरे, फेस-स्कैनर, नंबर प्लेट रीडर और इन्फ्रारेड लाइट तकनीक शामिल है। यह सिस्टम लोगों की पहचान, आवाजाही और गतिविधियों पर लगातार नजर रखता है—वह भी कई बार उनकी जानकारी के बिना। कैसे काम करता है यह सिस्टम? जब कोई व्यक्ति रात में मोबाइल फोन अनलॉक करता है, एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पर कैमरे के सामने आता है, या सड़क पर वाहन चलाता है—तो अदृश्य इन्फ्रारेड किरणें उसके चेहरे, शरीर या वाहन की नंबर प्लेट पर पड़ती हैं। ये किरणें हाई-रेजोल्यूशन कैमरों को व्यक्ति की सटीक पहचान करने में मदद करती हैं। इसी तकनीक से चेहरा पहचान (फेस रिकग्निशन), चाल-ढाल विश्लेषण और नंबर प्लेट रीडिंग संभव होती है। चीन: दुनिया का सबसे बड़ा सर्विल...
GhostPairing स्कैम: बिना OTP के हैक हो सकता है आपका व्हाट्सऐप अकाउंट, जानिए कैसे बचें
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GhostPairing स्कैम: बिना OTP के हैक हो सकता है आपका व्हाट्सऐप अकाउंट, जानिए कैसे बचें

नई दिल्ली: साइबर अपराधियों ने व्हाट्सऐप यूजर्स के लिए एक नया और खतरनाक स्कैम शुरू किया है, जिसका नाम है GhostPairing। इस स्कैम की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि अकाउंट हैक करने के लिए हैकर्स को आपके OTP, पासवर्ड या सिम कार्ड की ज़रूरत नहीं होती। यह स्कैम आपके भरोसेमंद दोस्तों के जरिए फैलता है और तुरंत आपके अकाउंट पर नियंत्रण कर लेता है। GhostPairing स्कैम कैसे काम करता है? साइबर सुरक्षा कंपनी Gen Digital की रिपोर्ट के अनुसार, स्कैम की शुरुआत किसी भरोसेमंद दोस्त के मैसेज से होती है। मैसेज में लिखा होता है कि "तुम्हारी फोटो मिल गई" और साथ में एक लिंक भी होता है। लिंक क्लिक करते ही आप एक फेक वेबपेज पर पहुँच जाते हैं, जो फेसबुक फोटो व्यूअर जैसा दिखता है। फिर आपको फोन नंबर और पेयरिंग कोड डालने के लिए कहा जाता है। जैसे ही आप कोड डालते हैं, आप अनजाने में हैकर के डिवाइस को अपने अकाउंट से जोड़...
AI में भारत की बड़ी छलांग: 2027 तक दोगुना होगा टैलेंट बेस, 2030 तक 1 करोड़ लोग जुड़ेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से
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AI में भारत की बड़ी छलांग: 2027 तक दोगुना होगा टैलेंट बेस, 2030 तक 1 करोड़ लोग जुड़ेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से

भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी स्टैनफोर्ड AI इंडेक्स रिपोर्ट 2025 में भारत को AI टैलेंट के मामले में दुनिया में तीसरा स्थान मिला है। अब संकेत हैं कि साल 2027 तक भारत AI के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा, जब देश का AI टैलेंट बेस दोगुने से भी अधिक हो जाएगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि भारत आज AI स्किल्स के मामले में दुनिया के सबसे मजबूत देशों में शामिल है। रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि AI टैलेंट को आकर्षित करने में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। देश में AI से जुड़ी नौकरियों में हर साल लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है, जबकि 2016 से अब तक AI प्रोफेशनल्स की संख्या तीन गुना से अधिक बढ़ चुकी है...