Monday, April 6

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WhatsApp चलाएं बिना नंबर बताए: इन 4 तरीकों से छिपा सकते हैं अपनी पहचान
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WhatsApp चलाएं बिना नंबर बताए: इन 4 तरीकों से छिपा सकते हैं अपनी पहचान

नई दिल्ली: WhatsApp जल्द एक ऐसा फीचर पेश कर सकता है, जिसकी मदद से यूजर्स अपने मुख्य फोन नंबर को छिपा सकेंगे। हालांकि अभी यह फीचर सभी के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके लिए आप चार आसान तरीकों का इस्तेमाल करके अपने नंबर को अनजान लोगों से छिपा सकते हैं। इससे स्पैम कॉल और मैसेजेस की संख्या भी कम होगी। 1. मुख्य नंबर से ग्रुप जॉइन न करें अनजान लोगों तक आपका नंबर पहुंचने का सबसे आसान जरिया बड़े ग्रुप्स हैं। इसलिए कोशिश करें कि अपने प्राइमरी नंबर से बड़े ग्रुप्स या कम्युनिटी में शामिल न हों। इसके बजाय आप लैंडलाइन नंबर या WhatsApp Business नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। 2. मुख्य नंबर से अकाउंट न बनाएं WhatsApp पर आमतौर पर हम अपने प्राइमरी नंबर से अकाउंट बनाते हैं। अगर आप नहीं चाहते कि आपका नंबर दिखाई दे, तो किसी दूसरे नंबर से अकाउंट बनाएं। इससे आपके प्राइमरी नंबर की सुरक्षा बनी रहती है और अनजान ल...
आज का सवाल: फोन उठाते ही क्यों कहते हैं “Hello”? ग्राहम बेल की गर्लफ्रेंड का नाम नहीं वजह
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आज का सवाल: फोन उठाते ही क्यों कहते हैं “Hello”? ग्राहम बेल की गर्लफ्रेंड का नाम नहीं वजह

नई दिल्ली: फोन उठाते ही “Hello” कहना आम बात लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका श्रेय फोन के आविष्कारक ग्राहम बेल को नहीं बल्कि थॉमस अल्वा एडिसन को जाता है? इंटरनेट पर इस बारे में अफवाहें खूब चलती हैं कि यह शब्द ग्राहम बेल की प्रेमिका के नाम पर पड़ा। लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। ग्राहम बेल चाहते थे “Ahoy” अलेक्जेंडर ग्राहम बेल फोन कॉल शुरू करते समय लोगों से “Hello” न कहने की उम्मीद रखते थे। वे चाहते थे कि लोग “Ahoy” बोलें, जो उस समय नाविकों द्वारा एक-दूसरे का ध्यान खींचने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। एडिसन ने बनाया “Hello” स्टैंडर्ड जानकर हैरानी होगी कि फोन बनाने वाला नहीं बल्कि एडिसन ने फोन कॉल की शुरुआत के लिए “Hello” शब्द सुझाया। 1877 में एडिसन ने पिट्सबर्ग की टेलीग्राफ कंपनी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसे स्टैंडर्ड सेट करने की सिफारिश की। उनका मानना था कि “Hello” लंबी दूरी की ट...
Tech History: स्टीव जॉब्स ने iPod का प्रोटोटाइप मछली के टैंक में फेंक कर इंजीनियर्स को सिखाया नामुमकिन को मुमकिन बनाना
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Tech History: स्टीव जॉब्स ने iPod का प्रोटोटाइप मछली के टैंक में फेंक कर इंजीनियर्स को सिखाया नामुमकिन को मुमकिन बनाना

सैन फ्रांसिस्को: ऐपल आज दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार है। इसके पीछे स्टीव जॉब्स की दूरदर्शिता और विजन का बड़ा हाथ है। ऐपल के पहले iPod से जुड़ा एक किस्सा आज भी टेक जगत में उदाहरण के रूप में दिया जाता है, जिसमें जॉब्स ने अपने इंजीनियर्स को “नामुमकिन” शब्द कहने पर सबक सिखाया। iPod को पतला बनाने का अनोखा तरीका:जब ऐपल के पहले iPod पर काम चल रहा था, जॉब्स ने इंजीनियर्स के तैयार किए गए प्रोटोटाइप को मछलियों के पानी के टैंक में फेंक दिया। उन्होंने यह दिखाने के लिए किया कि डिवाइस के अंदर अभी भी खाली जगह है। जैसे ही iPod पानी में गया, उसमें से हवा के बुलबुले ऊपर आने लगे। स्टीव ने इंजीनियर्स की ओर इशारा करते हुए कहा, “ये बुलबुले बता रहे हैं कि डिवाइस को और पतला बनाया जा सकता है।” इसके बाद इंजीनियर्स ने गैर जरूरी जगहों को कम करके iPod को और स्लिम बनाया। Apple का नामुमकिन को मुमकिन बना...
गैजेट्स न्यूज़ 6 फरवरी: Asus ने शुरू किए नए लैपटॉप के प्री-ऑर्डर्स, Apple का AI हेल्थ कोच फिलहाल ठंडे बस्ते में
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गैजेट्स न्यूज़ 6 फरवरी: Asus ने शुरू किए नए लैपटॉप के प्री-ऑर्डर्स, Apple का AI हेल्थ कोच फिलहाल ठंडे बस्ते में

नई दिल्ली: 6 फरवरी की प्रमुख गैजेट्स खबरों में शामिल हैं – Asus ने अपने नए Zenbook और Vivobook लैपटॉप के प्री-ऑर्डर्स भारत में शुरू कर दिए हैं, जबकि Apple का वर्चुअल AI हेल्थ कोच प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसके अलावा, LG ने भारत में एशेंशियल सीरीज के नए एसी लॉन्च किए हैं और गूगल का Pixel फोन का AirDrop फीचर जल्द अन्य एंड्रॉइड डिवाइस में भी उपलब्ध होगा। Asus Zenbook और Vivobook के प्री-ऑर्डर्स शुरू नए लैपटॉप AMD Ryzen AI प्रोसेसर से पावर्ड हैं। लॉन्च डेट: 12 फरवरी 2026। ऑफर: Zenbook S16 और Zenbook 14 को प्री-ऑर्डर करने पर 5999 रुपये के फायदे केवल 1 रुपये में। इसमें 2 साल की एक्सटेंडेड वारंटी और 3 साल का एक्सीडेंटल डैमेज प्रोटेक्शन शामिल। बिक्री चैनल: Asus स्टोर्स, ई-शॉप, Amazon, Flipkart और अधिकृत रिटेलर्स। मुख्य फीचर्स: Zenbook S16 ...
सैमसंग भी ला रहा MagSafe जैसा वायरलेस चार्जर, Galaxy S26 सीरीज के लिए तैयार
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सैमसंग भी ला रहा MagSafe जैसा वायरलेस चार्जर, Galaxy S26 सीरीज के लिए तैयार

सैमसंग Qi2 वायरलेस चार्जर बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है, जो ऐपल के MagSafe चार्जर जैसा दिखता है। लीक हुई तस्वीरों के अनुसार, यह चार्जर Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 के साथ पेश किया जा सकता है। यह 25W की वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करेगा और इस्तेमाल के लिए विशेष Qi2-रेडी केस की जरूरत पड़ सकती है। मुख्य विशेषताएँ: डिजाइन: गोल, पतला और ऐपल MagSafe जैसा। बॉडी और केबल: ब्लैक फिनिश, केबल फैब्रिक से बनी। चार्जिंग क्षमता: 25W वायरलेस। पावर सपोर्ट: 45W या उससे अधिक PPS एडॉप्टर की आवश्यकता। खास बातें: चार्जर की पैकेजिंग पर लिखा है कि इसे Galaxy फोन के साथ केवल Qi2-रेडी केस में इस्तेमाल करें। इससे संकेत मिलता है कि गैलेक्सी S26 में मैग्नेटिक अलाइनमेंट सुविधा हो सकती है, लेकिन सही चार्जिंग के लिए केस की जरूरत पड़ सकती है। यह...
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट को एक महीना, आम लोग बाकी दुनिया से कटे हुए
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ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट को एक महीना, आम लोग बाकी दुनिया से कटे हुए

तेहरान: ईरान में 8 जनवरी 2026 को शुरू हुआ इंटरनेट ब्लैकआउट अब एक महीने का हो गया है। सरकार ने इसे फिलहाल के लिए जारी रखा है और भविष्य में इसे स्थायी बनाने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। इस ब्लैकआउट के बाद आम लोग पूरी दुनिया से कटे हुए हैं और केवल चुनिंदा लोगों को ही वैश्विक इंटरनेट से कनेक्ट होने की अनुमति मिल रही है। इंटरनेट शटडाउन की शुरुआत: 8 जनवरी की रात से देश में इंटरनेट बंद किया गया। इसका उद्देश्य सरकार विरोधी प्रदर्शनों को नियंत्रित करना था। शुरुआत में यह अस्थायी कार्रवाई लग रही थी, लेकिन अब इसे एक महीने तक जारी रखा गया है। क्लाउडफेयर रडार की रिपोर्ट:नेटवर्क मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म ‘क्लाउडफेयर रडार’ के अनुसार, ईरान में इंटरनेट की विस्तृत कनेक्टिविटी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। केवल कुछ लोगों को फि‍ल्टर्ड इंटरनेट की अनुमति है। ईरान का इंटरनेट भविष्य:मीडिया रिपोर्टो...
Brave Ark ने भारत में लॉन्च की 2-इन-1 एंड्रॉयड डिवाइस, 14550mAh बैटरी और बड़े डिस्प्ले के साथ
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Brave Ark ने भारत में लॉन्च की 2-इन-1 एंड्रॉयड डिवाइस, 14550mAh बैटरी और बड़े डिस्प्ले के साथ

नई दिल्ली: Brave Ark नाम के टेक स्टार्टअप ने भारत में अपने नए 2-इन-1 एंड्रॉयड गैजेट को लॉन्च किया है। यह डिवाइस टैबलेट और कंप्यूटर, दोनों रूप में इस्तेमाल की जा सकती है और पढ़ाई, कंटेंट क्रिएशन और प्रोफेशनल कामों में मददगार साबित होगी। कीमत और ऑफर: कीमत: ₹34,999 लॉन्च ऑफर: पहले 200 ग्राहकों को बैकलिट कीबोर्ड फ्री उपलब्ध: अमेज़न कलर: गैलेक्टिक ब्लू डिज़ाइन: लेदर टच कीबोर्ड, मैग्नेटिक कनेक्शन मुख्य फीचर्स और स्पेसिफिकेशन: डिस्प्ले: 12.95 इंच, 144Hz रिफ्रेश रेट, LCD चिपसेट: Snapdragon 8s Gen 3 रैम/स्टोरेज: 12GB RAM, 256GB स्टोरेज कैमरा: 13MP रियर, 5MP फ्रंट बैटरी: 14550mAh, सिंगल चार्ज में 20 घंटे उपयोग ओएस: एंड्रॉयड 15, PC मोड सपोर्ट डिज़ाइन: मेटल यूनिबॉडी, स्लिक 7.6mm बॉडी साथ में: स्टाइलस पेन खास बातें: ...
एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल ‘Opus 4.6’ लॉन्च, कोडिंग से लेकर डॉक्यूमेंट्स तक देगा प्रोफेशनल परफॉर्मेंस
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एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल ‘Opus 4.6’ लॉन्च, कोडिंग से लेकर डॉक्यूमेंट्स तक देगा प्रोफेशनल परफॉर्मेंस

अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपना अब तक का सबसे पावरफुल और एडवांस्ड AI मॉडल क्लाउड Opus 4.6 लॉन्च कर दिया है। कंपनी के अनुसार, नया मॉडल कोडिंग, डॉक्यूमेंट्स, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन बनाने जैसे कामों में उच्च स्तर की परफॉर्मेंस देता है। यह बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स को प्रोफेशनल तरीके से पूरा करने में सक्षम है। एंथ्रोपिक के पास तीन प्रकार के AI मॉडल हैं: Opus – सबसे पावरफुल और बड़े कामों के लिए। Sonnet – मीडियम लेवल के कामों के लिए। Haiku – लाइटवेट वर्जन, तेज़ प्रतिक्रिया देता है। Opus 4.6 की खासियतें: बड़े कोडबेस और जटिल प्रोग्रामिंग कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन। बड़े आकार के डॉक्यूमेंट्स को प्रोसेस करने की क्षमता। लंबी बातचीत और बड़े कार्यों के दौरान बेहतर प्लानिंग और निष्पादन। रिसर्च, डॉक्यूमेंट निर्माण और एडिटिंग में मदद। रोजमर्रा के...
एंथ्रोपिक ने पेश किया सबसे एडवांस्ड AI मॉडल Opus 4.6, जानें क्या-क्या कर सकता है
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एंथ्रोपिक ने पेश किया सबसे एडवांस्ड AI मॉडल Opus 4.6, जानें क्या-क्या कर सकता है

अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक ने अपना अब तक का सबसे पावरफुल AI मॉडल Claude Opus 4.6 लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल कोडिंग, डॉक्यूमेंट्स और प्रेजेंटेशन बनाने जैसे जटिल कामों को उच्च प्रदर्शन के साथ कर सकता है और बड़े प्रोजेक्ट्स में भी बेहतर रिजल्ट देता है। एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स का परिचयएंथ्रोपिक के पास वर्तमान में तीन AI मॉडल उपलब्ध हैं: Opus – सबसे ताकतवर और बड़े कामों के लिए Sonnet – मीडियम लेवल के कामों के लिए Haiku – सबसे लाइट वर्जन, तेज़ रिस्पॉन्स देने वाला Opus मॉडल को जटिल और बड़े स्केल के कामों के लिए तैयार किया गया है। Claude Opus 4.6 की खासियतें मजबूत और प्रभावशाली कोडिंग क्षमता बड़े डॉक्यूमेंट्स और प्रेजेंटेशन को प्रोसेस करने में सक्षम लंबी बातचीत और बड़े कामों में बेहतर प्रदर्शन काम को बेहतर योजना...
ऑफिसों में बनेंगी AI कर्मचारियों की टीम, OpenAI ने पेश किया Frontier प्लेटफॉर्म
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ऑफिसों में बनेंगी AI कर्मचारियों की टीम, OpenAI ने पेश किया Frontier प्लेटफॉर्म

OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि भविष्य में वही कंपनियां सफल होंगी, जहाँ AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा और लोग इन AI एजेंट्स की टीम को संभालेंगे। इसी मकसद से OpenAI ने Frontier नाम का नया प्लेटफॉर्म पेश किया है, जो कंपनियों के लिए AI कर्मचारी बनाएगा। Frontier क्या है और क्या करेगा?Frontier प्लेटफॉर्म को खास तौर पर बड़ी एंटरप्राइज कंपनियों के लिए बनाया गया है। इसके माध्यम से कंपनियां अपने इंटरनल सिस्टम में काम करने वाले AI एजेंट्स को मैनेज कर सकेंगी। AI एजेंट्स इंसानी कर्मचारियों की तरह काम करते हैं। उन्हें कंपनी के कामकाज के तरीके समझाए जाते हैं, इनकी ट्रेनिंग होती है और ये फीडबैक से सीखते हैं। प्रत्येक एजेंट की पहचान और सुरक्षा सीमाएं भी निर्धारित की जाती हैं। AI एजेंट्स कैसे काम करेंगे?Frontier प्लेटफॉर्म कंपनी के डेटा वेयरहाउस, CRM सिस्टम और टिकट टूल्स जैसे इंटरनल ऐप्स से...