
इंदौर: वैलेंटाइन डे पर इंदौर में एक अनोखा और सुखद दृश्य देखने को मिला। तलाक की कगार पर खड़े डॉक्टर पति और इंजीनियर पत्नी ने फैमिली कोर्ट में एक-दूसरे को लाल गुलाब देकर अपने रिश्ते को नया जीवन दिया। कोर्ट में हुई काउंसलिंग के बाद दोनों ने तलाक की याचिका वापस ले ली और एक साथ रहने का फैसला किया।
उच्च न्यायालय के एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे के अनुसार, पति ने पत्नी के खिलाफ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के आधार पर विवाह विच्छेद की याचिका दी थी। 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे के दिन दोनों पक्ष कोर्ट में उपस्थित हुए। जस्टिस आर.के. जैन ने दोनों की बात सुनी और देखा कि मामले में सुलह की गुंजाइश है।
जज ने दोनों को समझाते हुए कहा कि जीवन लंबा है और पुरानी कड़वाहटें भूलकर नए सिरे से रिश्ते को जीने की कोशिश करें। उनकी प्यारभरी और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग ने दोनों के दिलों में फिर से भरोसा जगाया। इसके बाद पति-पत्नी सहृदय समझौते पर तैयार हो गए और तलाक की याचिका को वापस लेकर केस समाप्त कर दिया।
वैलेंटाइन डे पर कोर्ट में इस सुखद मिलन के बाद उपस्थित लोगों ने भी खुशी जताई। दोनों ने एक-दूसरे को गुलाब देकर बधाई दी और पुराने गिले-शिकवे भूलकर साथ रहने का वादा किया। कोर्ट में मौजूद लोगों को मिठाई भी बांटी गई।
एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि फैमिली कोर्ट इंदौर में प्राथमिक स्तर पर पति-पत्नी के किसी भी मामले में काउंसलिंग और मीडिएशन के जरिए समाधान की कोशिश की जाती है। इस पहल ने एक परिवार को बर्बादी से बचा लिया और यह साबित कर दिया कि कभी-कभी थोड़ा समझ, प्यार और मार्गदर्शन ही रिश्तों को बचाने के लिए काफी होता है।
