
रियाद: सऊदी अरब में भारतीयों के प्रति असहमति और नस्लीय भेदभाव के मामले हालिया महीनों में लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं। भारत और सऊदी अरब के बीच संबंध अच्छे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स अलग रवैया अपना रहे हैं।
हाल ही में राजधानी रियाद में आयोजित एक बिजनेस एग्ज़िबिशन के दौरान एक भारतीय एग्ज़िबिटर को उसके धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप में एक सऊदी नागरिक भारतीय कंपनी के स्टॉल पर खड़े कर्मचारियों से बहस करता दिख रहा है। वह यह कहते सुने जा सकते हैं कि कंपनी में सभी कर्मचारी हिंदू हैं और किसी मुस्लिम को नहीं रखा गया।
यूएई के पॉलिटिकल एनालिस्ट अमजद ताहा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से यह वीडियो साझा किया। उन्होंने इसे खुला नस्लवाद बताया और सऊदी नागरिक के बर्ताव की आलोचना की। ताहा ने कहा, “एक सऊदी नागरिक भारतीय एग्ज़िबिटर के हिंदू होने और रियाद एग्ज़िबिशन में स्टॉल लगाने को लेकर ताने मार रहा है। वह अज्ञानता को हथियार बनाकर गरिमा, आस्था और आजाद व्यापार पर हमला कर रहा है। भारत एक महान सभ्यता है, उस पर हमला ठीक नहीं है। बिजनेस कोई मस्जिद की हाजिरी नहीं है। आधुनिक समाज में आस्था की पुलिसिंग की कोई जगह नहीं है।”
सऊदी अरब में हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर भारतीयों को निशाना बनाने का एक ट्रेंड देखा जा रहा है। कुछ सऊदी यूजर्स यूएई निवासियों के लिए ‘भारतीय’ शब्द का अपमानजनक प्रयोग कर रहे हैं। अबु धाबी में विशाल हिंदू मंदिर निर्माण को लेकर भी सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के मामले सामने आए हैं, जिनका यूएई के लोग कड़ा जवाब दे रहे हैं।