
नई दिल्ली: संसद भवन में बुधवार को विपक्षी सांसदों के निलंबन के मामले में गहमागहमी का माहौल बन गया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।
संसद परिसर में विवाद
दरअसल, संसद के मकर द्वार के पास प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों के बीच राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ कहकर बुलाया। इसके जवाब में बिट्टू ने कांग्रेस नेताओं को ‘देश के दुश्मन’ बताया। राहुल गांधी ने बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन केंद्रीय मंत्री ने इसे ठुकरा दिया और सीधे अंदर चले गए।
सिरसा का सिख एंगल
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी इस विवाद में कदम रखते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला। सिरसा ने कहा,
“सदन में एक सिख मंत्री के खिलाफ जिस प्रकार के शब्द का इस्तेमाल हुआ, मैं इसकी निंदा करता हूं। राहुल गांधी अगर कोई गद्दार है, तो वे हैं, सिख सरदार कभी गद्दार नहीं हो सकता। दरबार साहिब पर तोप से हमला करने वाले गांधी परिवार ही असली गद्दार हैं।”
बिट्टू का आरोप
केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा सिखों को निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने कहा,
“जब मैं अंदर जा रहा था, उन्होंने सदन में वही भाषा इस्तेमाल की। वे बाहर भी ‘सड़क के गुंडे’ जैसा बर्ताव कर रहे थे। गांधी परिवार ने सिखों और पगड़ियों को हमेशा निशाना बनाया।”
बिट्टू ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें अपने पास बुलाकर हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने याद दिलाया कि उनके सिर पर गुरु की पगड़ी है, और वे पंजाब से हैं, इसलिए किसी के सामने झुक नहीं सकते।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरी घटना उस समय हुई जब बजट सत्र की शेष अवधि से 8 विपक्षी सांसद निलंबित थे और वे संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी ने टिप्पणी की,
“देखिए, यहां एक गद्दार चला आ रहा है… मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आ जाओ।”
बिट्टू ने इसका जवाब देते हुए कहा,
“ये देश के दुश्मन हैं।”
स्थिति का सार
संसद में दोनों नेताओं के बीच यह विवाद सिख समुदाय और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के एंगल में बदल गया है। घटना ने संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गहमागहमी को और बढ़ा दिया है।